वर्तमान परिपेक्ष्य में प्रदूषण इस कदर मानव जीवन पर हावी है कि ना शुद्ध हवा ना शुद्ध भोजन ना शुद्ध पानी है ऐसे में शरीर में होने वाली बीमारी इलाज के अभाव में लाइलाज हो जाती है l बिना पैसे खर्च किए कुछ मिनट के प्रयास से हम अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं l अब सवाल उठता है कि आखिर कैसे ? हम आपको बता रहे हैं कुछ साधारण तरीके जिनको अपनाकर आप अपना स्वास्थ्य बेहतर बना सकते हैं और निरोगी जीवन व्यतीत कर सकते हैं l चित्र में दर्शित 1 नंबर के पॉइंट को 30 सेकंड से 2 मिनट तक दबाने से किसी भी प्रकार का सिर दर्द और साइनस में आराम होता है l नेत्र ज्योति व अन्य नेत्र विकारों के लिए पॉइंट नंबर 2 को हल्के हल्के दबाएँ l कान का सुन्नपन, बहरापन, मवाद आना आदि विकार के लिए पॉइंट नंबर 3 को दबाएं l हाथ एवं कंधे के दर्द के लिए पॉइंट नंबर 4 को दबाएं l हृदय संबंधी परेशानियों के... Read More
माचलपुर : - नगर को इतिहास की दृष्टि से देखे या पीढ़ियों से चली आरही कहानियों या दंत कथाओ से देखे नगर में आज भी हिमाचल नगरी जो माता पार्वती का मायका कहा जाता है वो सारे तथ्य माचलपुर नगर में आज भी विद्यमान है ऐसा माना जाता है कि किसी युग मे माचलपुर नगर माता पार्वती की नगरी हुआ करता था याने माँ पार्वती का मायका हुआ करता था किसी युग मे यहा माता पार्वती ओर भगवान शंकर का विवाह हुआ था । जिसके प्रमाण आज भी यहाँ देखने को मिलते है ।कहा जाता है कि यह नगरी काफी प्राचीन नगरी है जिसे पहले के युगों में हिमाचल नाम से ही जाना जाता था अब वर्तमान में इस नगरी का नाम माचलपुर है ।प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर होने का कोई एक प्रमाण नही है इस नगर में अनेक ऐसे स्थान है जो इस नगर के प्राचीन होने एवं शिव-पार्वती विवाह संपन्न होने के अनेकों प्रमाण देते है , यह नगर पूर्णरूप से धार्मिक नगरी के नाम से... Read More
भारत में भ्रष्टाचार चर्चा और आन्दोलनों का एक प्रमुख विषय रहा है l आजादी के एक दशक बाद से ही भारत भ्रष्टाचार के दलदल में धंसता नजर आने लगा था l संसद में उस समय भी भ्रष्टाचार पर बहस होती थी और आज भी हो रही है, किन्तु आज की बहस और उस समय की बहस में जमीन आसमान का फर्क है l उस समय संसद में बहस किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए होती थी और आज बहस सिर्फ हो हल्ला मचाने के लिए और संसद को ठप्प करने के लिए होती है l गौरतलब है कि २१ दिसंबर १९६३ को भारत में भ्रष्टाचार के खात्मे को लेकर संसद में बहस हुई, बहस में डॉ राममनोहर लोहिया ने जो भाषण दिया था वह आज भी प्रासंगिक है l डॉ लोहिया ने कहा था कि सिंहासन और व्यापार के बीच सम्बन्ध भारत में जितना दूषित, भ्रष्ट, और बेईमान हो गया है उतना दुनिया के इतिहास में कही नहीं हुआ l भ्रष्टाचार से देश की अर्थव्यवस्था और प्रत्येक व्यक्ति पर विपरीत प्रभाव पड़ता... Read More
प्रायः देखने में आता है कि लोग शनि को क्रूर पीड़ा देने वाला अमंगलकारी अशांत दुख देने वाला सुख और संपत्ति का नाश करने वाला देवता समझते हैं परंतु ऐसा कदापि नहीं है, यथार्थ में शनि अत्यंत गंभीर, कूटनीतिज्ञ, तपस्वी, त्यागी, हटी और क्रोधी तथा न्याय प्रिय देवता है l यह लोगों के कर्मानुसार अच्छा और बुरा फल प्रदान करते हैं l व्यक्ति अज्ञानतावश यदि कोई पापिष्ट कर्म में रत रह चुका है और ज्ञात होने पर यदि वह शनि देव से क्षमा याचना करता है और भविष्य में अच्छे कर्मों में रत रहने का संकल्प करता है तो उसे शनि देव द्वारा क्षमा अवश्य प्राप्त होती है l लोगों को भ्रमित करने और डराने के नाम पर ही शनि को बुरा ग्रह बताकर उसे बदनाम किया गया है जबकि असलियत इसके ठीक विपरीत है शनि देव का संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है:- शनि देव के 10 नाम - पिंगल, कृष्णा, छाया नंदन, वभ्रू , कोणस्थ, रौद्र,सौरी,... Read More
पूर्व सांसद श्री.रामविलास वेदांती महाराज ने 2014 लोकसभा चुनाव लडने के लिये, हिन्दू महासभा से टिकट क्यों मांगा और प्रमोद पंडित जोशी ने विरोध क्यों किया? प्रकट हो गया है! वेदांती जी जिस न्यास की बात करते है वह और अन्य न्यास, रामालय, ट्रस्ट, समितीयां फर्जी है। इसके माध्यम से आज भी हर माह साठ लाख से एक करोड तक का चंदा इन्हें मिल रहा है। विवाद समाप्त होते ही इनका राजनीतिक- आर्थिक वर्चस्व समाप्त होगा। सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी मर जाएगी। महंत श्री नृत्यगोपाल दास महाराज पर ग्वालियर में सैकडो एकर गो चरण भुमी अपहार का केस कलेक्टरेट में है,उसके नं. सार्वजनिक है। अन्य अपराधिक केस है। दुसरे एक फर्जी न्यासी कॉंग्रेस प्रभावित है जो, अपने गुरू- सेवादारों जीव हरण के आरोप सार्वजनिक है। श्रीराम जन्मस्थान वक्फ की संपत्ती है ही नहीं। 1887 मो.अजगर ने फैजाबाद कलेक्टर के उकसावे... Read More
यह भोजन के बाद गर्म पानी पीने के बारे में ही नही अपितु हार्ट अटेक के बारे में भी एक अच्छा लेख है। चीनी और जापानी अपने भोजन के बाद गर्म चाय पीते हैं, ठंडा पानी नहीं। अब हमें भी उनकी यह आदत अपना लेनी चाहिए। जो लोग भोजन के बाद ठंडा पानी पीना पसन्द करते हैं यह लेख उनके लिए ही है। भोजन के साथ कोई ठंडा पेय या पानी पीना बहुत हानिकारक है क्योंकि ठंडा पानी आपके भोजन के तैलीय पदार्थों को जो आपने अभी अभी खाये हैं ठोस रूप में बदल देता है। इससे पाचन बहुत धीमा हो जाता है। जब यह अम्ल के साथ क्रिया करता है तो यह टूट जाता है और जल्दी ही यह ठोस भोजन से भी अधिक तेज़ी से आँतों द्वारा सोख लिया जाता है। यह आँतों में एकत्र हो जाता है। फिर जल्दी ही यह चरबी में बदल जाता है और कैंसर के पैदा होने का कारण बनता है। इसलिए सबसे अच्छा यह है कि भोजन के बाद गर्म सूप या गुनगुना पानी पिया जाये। एक... Read More
शीत ऋतु को बलवृद्धि कारक ऋतु कहा जाता है l इस ऋतु में उचित आहार और व्यायाम से मानव उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त कर सकता है l शीत ऋतु में सूर्योदय से पूर्व उठकर टहलना, दौड़ना, साइकिल चलाना श्रेष्ठकर है l सुबह की शुद्ध वायु फेफड़ों के लिए वरदान साबित होती है l प्राणायाम करने से जहां फेफड़ों की अशुद्धि दूर होती है वही फेफड़ों की स्पंदन शक्ति तेज होती है l स्नान से पहले सरसों के तेल से मालिश पूरे शरीर में करें बाद में शीतल ताजे जल से स्नान करें l स्नान के बाद पूरे शरीर को तौलिए से रगड़ कर साफ करने से जहां रक्त संचार सुचारू रूप से बहता है वही शरीर भी कांति पूर्ण हो जाता है l सुबह सुबह टहलना सबसे अच्छा व्यायाम है जिनकी प्रकृति शीत प्रधान है उन्हें उचित गर्म कपड़े पहन कर ही बाहर निकलना l चाहिए शीत ऋतु में जठराग्नि प्रदीप्त होती है जिससे किया गया भोजन आसानी से पच जाता है l कहते हैं इन 4... Read More


