आर्थिक क्षेत्र से क्षेत्र से मोदी सरकार को फिलहाल अच्छी खबर मिलती नहीं दिख रही है l भारतीय इकोनॉमी की वृद्धि दर का अनुमान कम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की श्रेणी में बुधवार को विश्व बैंक भी शामिल हो गया है l विश्व बैंक के मुताबिक 2017 में भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्ध‍ि दर की रफ्तार 7.0 फीसदी रह सकती है. यह 2015 के 8.6 फीसदी के अनुमान से 1.5 फीसदी कम होगा l बैंक ने इसके लिए नोटबंदी और जीएसटी को जिम्मेदार ठहराया है l अनुमान लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों की वजह से देश में निजी क्षेत्र के निवेश पर असर पड़ सकता है, इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था की वृद्ध‍ि दर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा l