वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह ने परख कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होने कहा कि विगत दो माह में राजस्व कार्यो की समीक्षा के कारण कमिश्नर तथा कलेक्टर इन पर विशेष ध्यान दे रहे है। राजस्व कार्यो के साथ साथ शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओ पर भी विशेष ध्यान दें। सभी संभागों में अक्टूबर माह में राजस्व कार्यो की समीक्षा बैठक पुन: आयोजित की जायेगी।

    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के ग्वालियर तथा बुंदेलखण्ड क्षेत्र में कम वर्षा के कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सभी कलेक्टर 30 सितम्बर की स्थिति में जिले की वर्षा तथा अन्य मापदण्डों के अनुसार सूखे के संबंध में 5 अक्टूबर तक प्रस्ताव तैयार करायें। जिससे भारत सरकार को सूखे के संबंध में प्रतिवेदन दिया जा सके। बंद नल जल योजनाओ को चालू कराने के लिये 20 लाख रूपये तक की स्वीकृति का अधिकार जिला स्तरीय समिति को दिया गया है। सभी बंद नल जल योजनाएं तत्परता से सुधार कर चालू करायें। सभी कलेक्टर अपने जिले मे उपलब्ध पेयजल का आकलन कराके आवश्यक होने पर पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत अन्य कार्यो में पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगायें।

    मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, जनसुनवाई तथा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री जी को आम जनता से प्राप्त आवेदन पत्र एक पोर्टल पर दर्ज किये जा रहे है। कलेक्टर इनके निराकरण की नियमित समीक्षा करें। बैठक में बताया गया कि मध्यान भोजन के लिये रसोइयों को उनके बैंक खाते में मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। स्वसहायता समूहों को पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से खाद्यन आवंटित किया जा रहा है। आनंदम विभाग के लिये तैयार कैलेन्डर के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। कई जिलो में नेकी की दीवार की स्थिति अच्छी नहीं है। कलेक्टर स्वयंसेवी संस्थाओं तथा स्वयंसेवकों के सहयोग से इसकी व्यवस्थाएं बेहतर करें। मंडला तथा सिवनी में आनंदम केन्द्र अच्छा कार्य कर रहे है। आनंदम विभाग के तहत अधिकारियों तथा कर्मचारियो को प्रशिक्षण का भी अवसर दिया जा रहा है। इसका लाभ उठाएं।

    बैठक में मुख्यमंत्री भावांतर योजना की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव ने इस योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों के पंजीयन के निर्देश दिये। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सिंचाई परियोजनाओं के लिये भू-अर्जन, खाद्य सुरक्षा योजना के हितग्राहियो की आधार सींडिग, कुल आधार पंजीयन तथा रेत खदानों की नई नीति के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्ट्रेट के एनआईसी केन्द्र से नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव, अपर कमिश्नर श्री आर.के.मिश्रा, कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, सहायक कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े, उपायुक्त श्री संतोष वर्मा, उपायुक्त श्री राजेन्द्र सिंह तथा संबंधित अधिकारियो ने इसमें भाग लिया।