खरगौन | 29-मार्च-2017 विधिक साक्षरता शिविर मंगलवार को न्यायालय परिसर खरगोन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडलेश्वर एवं तहसील विधिक सेवा समिति खरगोन द्वारा आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडलेश्वर श्री बीआर पाटिल द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जयप्रकाश बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में पारित निर्णय के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों की प्रक्रिया के संबंध में दिए गए नवीन दिशा निर्देशों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से निर्णय के महत्वपूर्ण बिंदुओं से उपस्थित सभाजन को अवगत कराया गया। श्री पाटिल द्वारा कार्यक्रम के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अंवेशण अधिकारी, बीमा अधिकारी एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरणों पर अधिरोपित कर्तव्यों तथा संबंधित बिंदुओं की विस्तार से जानकारी देते हुए यह व्यक्त किया गया कि यह सर्वोच्च न्यायालय का एक ऐतिहासिक फैसला है, जो मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों की पूरी प्रक्रिया को बदल देगा। इसके प्रति जागरूकता हेतु व्यापक प्रचार प्रसार एवं संवेदनशीलता अपेक्षित हैं, जिसकी प्राप्ति के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं एवं इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किया जाना लाभकारी रहेगा। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री डी.कल्याण चक्रवती, अति. पुलिस अधीक्षक, श्री अंतरसिंह कनेश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगाचरण दुबे, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री राजेश गुजराथी, अपर जिला न्यायाधीश श्री विवेकसिंह रघुवंशी सहित अन्य अधिकारी एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री दुबे द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों को संक्षिप्त में बताते हुए इसके उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अपर जिला न्यायाधीश श्री सुभाष सोलंकी ने मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण से जुड़े बिंदुओं एवं पीड़ित व्यक्ति को तुरंत न्याय दिए जाने संबंधी उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। अति. पुलिस अधीक्षक श्री कनेश द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रदान करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों को विस्तार से अध्ययन कर पालन सुनिश्चित कराने के संबंध में आश्वासन दिया गया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री गुजराथी एवं सचिव श्री हरिश त्रिपाठी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों को एक सकारात्मक बदलाव बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों की ब्रीफ, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की प्रति आवश्यक प्रारूपों सहित पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आरटीओ, बीमा कंपनियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अधिवक्ता संघ आदि को उपलब्ध कराई गई।
खरगौन विधिक साक्षरता शिविर संपन्न