मन्दसौर | 14-मार्च-2017 जिले के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। गॉधीसागर आधारित समूह नलजल योजना का क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में सभी सहयोगी विभाग अपनी भुमिका सुनिश्चित करें, साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता की जनजागरूकता के लिए समेकित प्रयास किये जावें। उपरोक्त उद्गार जिला कलेक्टर श्री स्वतंत्रकुमार सिंहजी ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सहयोगी विभागों की जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला के अवसर पर होटल ऋतुवन में व्यक्त किये। प्रशिक्षण के शुरूआती सत्र में कलेक्टर महोदय, डॉ.जे.के.जैन उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं कार्यपालन यंत्री श्री संदीप दुबे ने दीप प्रज्जलन कर प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। स्वागत उद्बोधन कार्यपालन यंत्री श्री संदीप दूबे ने देते हुए विभाग द्वारा जिले में क्रियान्वित की गई एवं की जा रही पेयजल योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उप संचालक,सामाजिक न्याय श्री जे.के.जैन ने अपने उद्बोधन में पेयजल स्त्रोतों को स्वच्छ रखने एवं स्वच्छता के लिए सभी विभागों को मिलकर जागरूकता के लिए प्रभावी प्रयास किये जाना चाहिये एवं पेयजल सवंर्धन के लिए शासकीय भवनों पर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम करने एवं जल स्तर वृद्वि के लिए कूप भरण प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के उद्दश्यों एवं विभाग द्वारा चलाये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के जिला मिडिया प्रभारी श्री नरेन्द्र धनोतिया ने तनाव रहित जीवन जीने एवं अपनी कार्यक्षमताओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के संबंध में टीप्स दिये। पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में विभाग द्वारा चलायी जा रही प्रचार-प्रसार की जानकारी जिला सलाहकार श्रीमती चसली बर्डे ने दी। सहयोगी विभागों से श्री पी.सी.चौहान,जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग,श्री सुदीप दास जिला शिक्षा विभाग,डॉं.हिमांशु यजुर्वेदी अस्पताल प्रबंधक एवं आनंदम् मंत्रालय से डॉं.वीणा सिंह एवं डॉं.सुनीता गोधा ने भी प्रशिक्षण सत्र में अपने विचार व्यक्त किये। ग्रामीण पेयजल सुरक्षा योजना क्रियान्वयन की जानकारी विकासखंड समन्वयक हर्षिता बघेरवाल ने जानकारी दी। इस कार्यक्रम में विभाग द्वारा पेयजल परीक्षण के क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध फील्ड टेंस्टिंग कीट,बेक्टीरिया परीक्षण के लिए एच.टू.एस.वाईल एवं क्लोरीनेशन की जानकारी हस्तीमल सांखला,उषा तिवारी एवं हेमिता पण्डया ने दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आदिम जाति कल्याण विभाग से संयोजक श्री राजकुमार सिंह,आयुष विभाग से डॉं.ओमनाथ मिश्रा,लोक निर्माण विभाग से उपयंत्री श्री आर.के.श्रीवास्तव,कृषि विभाग से सहायक संचालक श्रीमती अनिता धाकड,पशुपालन विभाग से उप संचालक से श्री मनीष जी इंगोले,रेडक्रास सोसायटी से डॉं.जवाहर सिंह मण्डलोई,वन विभाग से डिप्टी रेंजर श्री निरंजन जी भारद्वाज,जिला शिक्षा केन्द्र से श्री पंकज धनोतिया एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से कार्यपालन यंत्री श्री जगदीश जी वर्मा उपस्थित रहें। प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में सफलता की कहानियॉं,जनभागीदारी आधारित पेयजल योजनाओं,सौर उर्जा आधारित पेयजल योजनाओं एवं पेयजल गुणवत्ता परीक्षण की फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता ने किया एवं आभार सहायक यंत्री श्री गोपाल मिश्रा ने माना।