बैतूल | 09-मार्च-2017 प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा की तर्ज पर बैतूल से निकलने वाली पवित्र ताप्ती नदी के संरक्षण हेतु अगले वर्ष ताप्ती सेवा अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य पवित्र ताप्ती नदी को संरक्षित एवं प्रदूषण मुक्त करना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान गुरूवार को जिले के ग्राम बिसनूर में 382.29 करोड़ की लागत वाली पारसडोह मध्यम उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमिपूजन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम के बैतूल में निर्मित भवन का भी लोकार्पण किया। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत मोहदा से गुरूवा मार्ग एवं चोहटापोपटी से घोघरा मार्ग पर वृहद पुल निर्माण के लिए भी भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को लाभस्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस दौरान प्रदेश के लोक निर्माण, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री रामपाल सिंह, सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सूरजलाल जावरकर, विधायक बैतूल श्री हेमन्त खण्डेलवाल, विधायक आमला श्री चैतराम मानेकर, विधायक भैंसदेही श्री महेन्द्र सिंह चौहान, विधायक घोड़ाडोंगरी श्री मंगलसिंह धुर्वे, विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख, जिला योजना समिति सदस्य श्री जितेन्द्र कपूर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आगे कहा कि पारसडोह जलाशय निर्माण से क्षेत्र के किसानों की एक बड़ी आवश्यकता पूरी होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई के पानी के बिना किसान की मेहनत बेकार है। खेतों में सुलभता से पानी मिलेगा तो किसानों का उत्पादन बढ़ेगा। सरकार यह चाहती है कि प्रदेश का हर जिला फसल के उत्पादन में अग्रणी बने। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की शुरुआत में 30 गांवों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। जो गांव परियोजना में आने से छूट गए हैं, उन्हें दूसरे फेस में जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र की पेयजल समस्या को हल करने का भी इस परियोजना के माध्यम से प्रयास होगा। परियोजना से लगभग 200 गांवों में पेयजल हेतु पाइप लाइन बिछाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की आवश्यकता को देखते हुए बंधा एवं बारंगवाड़ी डेम निर्माण के लिए भी सर्वे कराया जाएगा एवं साध्यता के आधार पर स्वीकृति दी जा सकेगी। उन्होंने ताप्ती नदी का संरक्षण करने पर जोर देते हुए कहा कि नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा की तर्ज पर अगले वर्ष ताप्ती सेवा अभियान चलाया जाएगा। अभियान में नदी के किनारे पौधे लगाकर इसके जल स्त्रोतों को बढ़ाया जाएगा तथा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी कार्य किया जाएगा। इसके अलावा ताप्ती नदी को सदा नीरा बनाने के लिए यहां उपयुक्त स्थानों पर बैराज निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सरकार द्वारा हैण्डपंपों के स्थान पर नल-जल योजनाएं स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में हर पात्र परिवार को मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही सरकार यह भी चाहती है कि कोई भी जरूरतमंद अपने मकान हेतु बिना जमीन के न रहे। उसके पास अपने मकान हेतु जमीन का टुकड़ा भी हो। मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि गरीब एवं किसान परिवारों के होनहार बेटों को उच्च शिक्षा हेतु धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में भी समुचित आरक्षण की व्यवस्था सरकार कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चे एवं बच्चियों को पढ़ाने एवं गांवों को नशामुक्त बनाने का भी अपने संबोधन में आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे, विधायक बैतूल श्री हेमन्त खण्डेलवाल एवं विधायक मुलताई श्री चन्द्रशेखर देशमुख ने भी उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। विधायक मुलताई श्री देशमुख द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं पर आधारित मांगें भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिन पर मुख्यमंत्री द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। उल्लेखनीय है कि तहसील मुलताई के ग्राम पचधार के समीप ताप्ती नदी पर 382.29 करोड़ की लागत से सिंचाई की मध्यम परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसमें 9990 हेक्टेयर में रबी तथा 3350 हेक्टेयर में खरीफ, इस प्रकार कुल 13340 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इस परियोजना से आठनेर तहसील के 18 ग्राम एवं मुलताई तहसील के 12 ग्राम, इस प्रकार कुल 30 गांवों के कृषक लाभान्वित होंगे।