उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ईकोसेन्टर ताला में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रविवार को सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में जबलपुर, कटनी, डिण्डौरी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सीधी तथा सिंगरौली जिले के न्यायिक अधिकारी, अभियोजन अधिकारी तथा वनाधिकारी शामिल रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश केपी सिंह एवं अध्यक्षता क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ मूदुल पाठक रहे। इस अवसर पर क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मुख्य वन्यजीव प्रजातियों, विलुप्त हो रही प्रजातियों, के प्रबंधन के साथ-साथ टाइगर रिजर्व की प्राथमिकताओं एवं उपलब्धियों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये गये। इस मौके पर राष्ट्रीय पार्क बांधवगढ़ में वन्यप्राणी अपराधों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी सामने रखी गई।
बाघ शावकों के पोषण की दी जानकारी
वन्यप्राणी एवं मानव द्वन्द को कम करने के उपाय तथा अनाथ बाघ शावकों के पालन पोषण के संबंध में की गई कार्यशाला में रितेश सिरोटिया, भोपाल के द्वारा वन्यप्राणी अपराधों की विश्व एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति एवं उनके व्यापार तथा राष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील गिरोह तथा अपराध करने के तरीकों के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया। सुश्री मंजुला श्रीवास्तव एडवोकेट कटनी द्वारा वन्यप्राणी अधिनियम तथा उसकी विशेषताओं के संबंध में प्रस्तुतीकरण देते हुए उपस्थित अधिकारियों को वन्यप्राणी अपराध के बारीक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। अभियोजन अधिकारी श्री संजय कुमार पोल, ए.डी.पी.ओ. कटनी एवं काशीराम पटेल ए.डी.पी.ओ. उमरिया द्वारा वन अपराध प्रकरण को तैयार करने में होने वाली कमियों में सुधार लाने हेतु तथा न्यायालीन प्रस्तुतीकरण तथा साक्ष्य देने के संबंध में वनाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
वन्य प्राणी सुरक्षा में दिखाएं गंभीरता
उच्च न्यायालय से आये विजय चन्द्रा न्यायाधीश उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न न्यायिक अधिकारियों के प्राप्त सुझावों की समीक्षा करते हुए, कार्यशाला की पूर्ण अनुशंसाओं का संकलन किया गया। जिसके अन्तर्गत वन्यप्राणी अपराधों को पृथक नजरियों से देखने, 6 माह के अन्दर प्रकरणों को निराकृत करने, निचले स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने तथा सम्पूर्ण परिस्थितकीय तंत्र को संरक्षित करने के प्रयास को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को वन्यप्राणी सुरक्षा तथा संरक्षण उपायों के संबंध में फीसड अध्ययन भी कराया गया। कार्यशाला का सफल संचालन आर.सी.त्रिपाठी, सहायक संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा करते हुए उपस्थित समस्त प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया गया।
वन्य प्राणी अपराधों पर अंकुश लगाने की दरकार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यप्राणी अपराधों पर हुई कार्यशाला