शाजापुर | 23-फरवरी-2017 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती अलका श्रीवास्तव ने ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शाजापुर जिले को जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। कलेक्टर ने घरेलू प्रयोजन एवं निस्तार को छोड़कर अन्य प्रयोजन जैसे कि सिंचाई या औद्योगिक, व्यवसायिक अथवा अन्य के लिए जल उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया है। कोई भी व्यक्ति जिले के समस्त जलस्त्रोतो जैसे कि बांध, नदी, नहर, जलधारा, झरना, झील, जलाशय, नालाबंधान, नलकूप या कुओ से अन्य किसी प्रयोजन के लिए पूर्व से अनुमति प्राप्त को छोड़कर जल उपयोग नहीं कर सकेंगे। जिला दण्डाधिकारी ने उक्त प्रतिबंध भू-जलस्तर लगातार नीचे जाने के कारण जिले में वर्तमान जल स्त्रोतो में उपलब्ध जल को पेयजल हेतु आरक्षित करने के लिए लगाया है। उक्त प्रतिबंध 23 फरवरी से 15 जुलाई तक प्रभावशील रहेगा। प्रतिबंध अवधि में जिले की सीमा के भीतर नलकूप खनन हेतु बोरिंग मशीन आदि लेकर सार्वजनिक सड़को से गुजरने वाली मशीनों को छोड़कर बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेंगा और न ही बिना अनुमति नलकूप खनन करेंगे। इस संबंध में कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे अवैध रूप से प्रतिबंधित अवधि में प्रवेश करने वाली बोरिंग मशीनों एवं नलकूप खनन करने वाली मशीनों को जप्त करें और उनके विरूद्ध समीपस्थ थाने में एफआईआर दर्ज कराए। आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 के अनुसार 2 वर्ष तक के कारावास या 2 हजार रूपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है।
शाजापुर जिला जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित