रीवा | 14-फरवरी-2017 गोपालन संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि प्रत्येक घर में गौशाला होनी चाहिए। हमें गौवंश के संरक्षण व संवर्धन हेतु जागरूक रहकर कार्य करना होगा। यह बातें उन्होंने गत दिवस ग्राम भिटवा में जनसमुदाय से गोवंश की रक्षा के लिये कहीं। अध्यक्ष गोपालन संवर्धन बोर्ड ने कहा कि गाय के दूध में मनुष्य के लिये सभी उपयोगी तत्व तो मिलते ही है साथ ही गोबर से खाद व अन्य उत्पाद भी बनने लगे है। गाय के गोबर से जहाँ एक ओर लकड़ी, गमले व अगरबत्ती बनने लगी हैं वहीं दूसरी ओर गौमूत्र से भी बहुत से उत्पाद बनाये जा रहे है और इसकी बहुत मांग है। उन्होनें ग्रामवासियों से अपेक्षा की कि समुदाय में एकत्रित होकर गोपालन के लिये कार्य करें जिससे गाय का संरक्षण संवर्धन हो। स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि शीघ्र ही विन्ध्य अंचल में गौ अभ्यारण्य स्थापना की दिशा में आवश्यक प्रयास किये जा रहे है जहां गौवंश को संरक्षित रखा जायेगा। उन्होंनें लक्ष्मणबाग गौशाला की व्यवस्था व वहां की गायों के अनुशासन की चर्चा करते हुए कहा कि यह अद्भुत दृश्य देखने को मिला जब पत्तल में गायों को भोजन कराया जाता है और गायें अनुशासन में रहकर भोजन करती है। उन्होनें उम्मीद की कि आने वाले समय में यह गौशाला आर्दश गौशाला बनकर आत्मनिर्भर व प्रयोगशाला के तौर पर भी स्थापित होगी। भिटवा में आयोजित कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी हुजूर नीलमणि अग्निहोत्री, उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉ. व्ही. एस चौहान, डॉ.अरूणेन्द्र शुक्ला, डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, सोमधर शुक्ला, अजीत समदड़िया सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी व आसपास के गांवों के सरपंच व ग्रमीणजन उपस्थित थे।
प्रत्येक घर में गौ-शाला होनी चाहिए अध्यक्ष गोपालन संवर्धन बोर्ड