तलेन (रिपोर्टर - सतीश यादव ) तलेन व आसपास क्षेत्र में असमय हो रही बारिश से किसानों की सोयाबीन की फसल बर्बाद हो रही है. किसानों के खेतों में कटी पड़ी सोयाबीन की फसल अंकुरित होने लगी है, तथा खड़ी फसलों में भी नुकसान हो रहा है जिससे किसान चिंतित और परेशान हैं. मौसम की मार से किसानों की सोयाबीन की फसल चौपट होने की कगार पर पहुंच गई है. पहले सोयाबीन की गिरती कीमत,ओर अब सितंबर के अंत में हो रही बारिश से सोयाबीन की पककर तैयार हुई फसल खराब होने लगी है. गौरतलब है कि इस बार सोयाबीन की लागत बढ़ने के साथ कीमतों में गिरावट के चलते किसान पहले ही परेशान थे. अब बारिश की वजह से बची हुई सोयाबीन की गुणवत्ता भी खराब हो रही है.किसानों ने सरकार से मुआवजा की गुहार लगाई है। वहीं , सोयाबीन की लागत बढ़ने ,सोयाबीन की एमएसपी 6000 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग भी क्षेत्र सहित पूरे मध्य प्रदेश में उठी थी. वहीं किसान बताते हैं कि "एक बीघे में एक से दो क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन मिल रहा है. ऐसे में सोयाबीन एमएसपी पर खरीदा भी जाता है, तो किसानों को सोयाबीन की लागत भी नहीं मिल पाएगी." खेत में सोयाबीन की फसल को बचाने का प्रयास कर रहे किसान के अनुसार "फसल बारिश में लगातार भीगने की वजह से सोयाबीन के दाने अंकुरित होने लगे हैं. वहीं, कई खेतों में जलभराव की वजह से कटकर पड़ी हुई फसल भी खराब हो गई है। वहीं राजगढ़ कलेक्टर डा.गिरीश कुमार मिश्रा ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वर्षा से हुई फसल की नुकसानी का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं. वही किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा वर्तमान समय में हुई बारिश के कारण फसल नुकसान होने पर नुकसान की जानकारी 72 घंटे के अंदर कृषि फसल बीमा कंपनी भोपाल के कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करने को कहा है।