बड़वानी, (नरेन्द्र गुप्ता )- जनजातीय समुदायों की संस्कृति, इतिहास, और उनके विकास की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से एम.ए. (जनजातीय अध्ययन) का नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खरगोन-बड़वानी लोकसभा सांसद श्री गजेंद्र पटेल ने प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर विधार्थियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री पटेल ने कहा, "यह पाठ्यक्रम न केवल जनजातीय समुदायों की संस्कृति और इतिहास को संरक्षित और बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि उनके समग्र विकास के लिए नई दिशाएं भी प्रदान करेगा। जनजातीय अध्ययन के माध्यम से छात्रों को जनजातीय समाज की जड़ों, उनके संघर्ष, और उनके विकास की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा, जो हमारे राष्ट्र के समावेशी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।" सांसद पटेल ने आगे कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में जनजातीय समुदायों का योगदान अविस्मरणीय है। उनके अनुभवों और ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इस तरह के पाठ्यक्रम की आवश्यकता थी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पाठ्यक्रम छात्रों को जनजातीय समाज के प्रति एक संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेगा, जो सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके जी ने भी अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, और यह नया पाठ्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस पाठ्यक्रम का पूरा लाभ उठाएं और जनजातीय समाज के विकास में अपना योगदान दें। वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय युवा प्रमुख श्री वैभव सुरंगे जी ने कहा कि जनजातीय अध्ययन के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने देश की सांस्कृतिक धरोहर को समझने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यह पाठ्यक्रम युवाओं में समाज के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को भी जागृत करेगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में श्री ओम शर्मा , डॉ. ए.के. द्विवेदी , डॉ. वैशाली , और डॉ. मोनिका गौड़ शामिल थे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रबुद्धजन, महाविद्यालय के स्टाफ, और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।
जनजातीय समाज के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जनजातीय अध्ययन - सांसद पटेल