तलेन सोमवार को रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा पर गायत्री प्रज्ञा पीठ तलेन द्वारा हेमाद्रि पितृ तर्पण एवं यज्ञ का आयोजन किया गया l जिसमें गायत्री परिवार के सदस्य एवं अन्य लोगों ने नेवज नदी के तट पर उपस्थित होकर गायत्री परिवार के द्वारा दिए गए निर्देशानुसार मंत्र का उच्चारण करते हुए अपने-अपने पितरों, दिवंगतो, मित्र परिचित सभी के लिए नेवज नदी पर तर्पण किया I दिव्य पितृ तर्पण, देव तर्पण, ऋषि तर्पण और दिव्य मनुष्य तर्पण के पश्चात् ही स्व-पितृ तर्पण किया जाता है। इसमें सबसे पहले पवित्रीकरण, आचमन, शिखा वंदन, प्रणायाम, न्यास, पृथ्वी पूजन, चंदन धारण, रक्षा सूत्र, कलश पूजन, दीप पूजन, गुरुदेव पूजन, विभिन्न देव शक्तियों का आह्वान पूजन, नमन वंदन, षोडशोपचार पूजन, स्वस्तिवाचन, रक्षा विधान, यज्ञोपवित धारण कराकर जल के द्वारा पितरों को तर्पण किया जाता है।