तलेन - नवीन शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है जिसके साथ प्राइवेट स्कूलों द्वारा शिक्षण सामग्री का व्यापार जम कर फलफूल रहा वही इन प्रायवेट स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशन की किताबो को ओने पोने दामो में बेच कर जम कर चांदी काटी जा रही वही देखने मे आया छोटी छोटी क्लास की किताबो का कोर्स 4 -5 हजार तक का है जिसमे वही दिखावे के लिये कुछ चुनिंदा दुकानों पर रख कर बाकी मोटा कमीशन कमाया जा रहा है साथ बेल्ट ड्रेस भी कुछ चुनींदा दुकानों से कमीशन पर बेची जा रही है वही देखने मे आया है कि एक तरफ तो शिक्षा विभाग बच्चों के बैग हल्के करने की बात कर है वही यही निजी स्कूल संचालक अपनी जेबें भरने के लिए भारी भरकम स्कूल बैग कर दिए हमने कई स्कूलो के बच्चों के बैग का जब वजन किया तो पता चला कि कक्षा पहली दूसरी के बच्चों के बैग में 5 से6 किलो वजन था वही 3 सरी व चौथी के बच्चों के बैग का वजन 7से8 किलो तक है नियम यह है स्कूलों को एन सी आर टी की किताबें कोर्स में चलाया जाना चाहिए । इनभारी भरकम वजन के कारण मासूम स्कूल जाते साथ कई बच्चों को कंधों में दर्द व रीढ़ हड्डी में तक दिक्कत हो जाती है वही शिक्षा विभाग इन सब मामलों को लेकर ले कर जान कर भी अंजान बना हुआ है ।वही जिमेदार अधिकारीयो की मिली भगत के चलते यह सारा खेल चल रहा है अगर बारीकी से अगर जांच हो तो प्राइवेट स्कूलों की किताबो में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है