( महेन्द्र शर्मा )राज्यस्थान वजीरपुर, उपखण्ड क्षेत्र में राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के द्वाराअपनी पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री व शासन सचिव के नाम उपखण्ड कार्यालय पर ज्ञापन सौपा। महासंघ के तहसील महामंत्री शेरसिंह मीणा ने बकाया कि चार वर्षीय शासन एवं सरकार में सक्षम स्तर पर ज्ञापन एवं मांग पत्र देकर मांगों को निस्तारण के लिए राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा बार बार निवेदन किया गया । इसी श्रृंखला में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 16 नवंबर 2022 को माननीय मुख्य सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर 30 नवंबर तक मांगों का निस्तारण करने का अनुरोध किया गया था। तथा मांगों का निस्तारण नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी करने स्पष्ट चेतावनी दी गई थी,लेकिन मांगो का निस्तारण दूर आज दिनांक तक महासंघ के संवाद भी स्थापित नहीं किया गया है । जबकि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न मुलाकातों तथा विडियो कांफ्रेंसिंग से हुए संवाद में महासंघ की मांगों को उचित मानते हुए बार बार निस्तारण का आश्वासन भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त महासंघ के धटक संगठन द्वारा किए गए विभिन्न आंदोलनों शासन तथा सरकार द्वारा सहमतियां तथा समझौते किए गए, लेकिन एक भी समझौते की क्रियान्विति नहीं की गई । जो कर्मचारी संगठनों के विरोध छल व विश्वास तोड़ने की नीति प्रदर्शित करता है। इससे प्रदेश में आठ लाख कर्मचारीयों में भारी निराशा तथा आक्रोश का माहौल बन रहा है। इसके जरिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जा चुका है । प्रदेश के समस्त उपखण्ड अधिकारियों के मार्फत पुनः ज्ञापन दिया जा रहा है । महासंघ का यह संघर्ष 15 सुत्रीय मांग पत्र की मांगों तथा घटक संगठनों की संगठनों की सहमतियां तथा समझौते लागूं करने तक निरंतर जारी रहेगा महासंघ के 15 सूत्रीय मांग पर संक्रामक निर्णय करवाकर अनुग्रहित करें अन्यथा 08 लाख कर्मचारियों के हितार्थ प्रदेश व्यापी आंदोलन को और तेज करेगा । जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं सरकार की होगी। उपखण्ड पर ज्ञापन में तहसील अध्यक्ष राधेश्याम जाट , भू अभिलेख निरीक्षण हाकिम सिंह लज्जाराम पटवारी पवन सिंह मानसिंह वीरसिह पुष्पेन्द्र शर्मा, संजीव, सुनीता, लिपिक मुनीम सिंह, जयन्त दीक्षित सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।