खातेगांव/मध्य प्रदेश अनिल उपाध्याय ------------ नेमावर एक धार्मिक स्थल है यहां 12 महीने ही श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहता है ।लेकिन पर्व विशेष पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा अर्चना करते हैं। ------- पौष अमावस्या महापर्व पर अल सुबह से ही श्रद्धालुओं का नेमावर के मां नर्मदा तट पर पहुंचना प्रारंभ हो गया था। शीतलहर भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं दिखा पाया लगभग 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर सिद्धनाथ महादेव का जलाभिषेक कर क्षेत्र में सुख समृद्धि की मंगल कामना की, ------- नेमावर के प्रसिद्ध विद्वान पंडित गोपाल कृष्ण व्यास के मुताबिक पौष अमावस्या महापर्व पर जीवनदायिनी मां नर्मदा में स्नान करने से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है साथ ही पितरों का तर्पण करने का विशेष महत्व माना जाता है । ------ एसडीओपी ज्योति उमठ के मुताबिक अमावस्या महापर्व नेमावर के नर्मदा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए नर्मदा तट पर गोताखोर नगर सैनिक के साथी नर्मदा नदी में बैरिकेट्स लगाए गए थे ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में ना जा बड़ी संख्या मैं पुलिस बल लगाया गया ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना और निश्चिंत होकर स्नान कर सके, ----- नगर परिषद नेमावर के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल के मुताबिक लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से अपील की जा रही थी वही घाटों पर साफ सफाई एवं शुद्ध पेयजल के इंतजाम भी किए गए थे। वाइ