अनिल उपाध्याय खातेगांव प्रतिभा हर जगह मिल सकती है शर्तें उन्हें निखरने की आवश्यकता होती है। और वह कभी भी परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती है ,कोई भी बाधा प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती है ।जरूरत प्रतिभाओं को मौका देने की, यह बात सिद्ध करती है इंदौर के एनी बेसेंट स्कूल में अध्ययन कर रही छात्रा पलक दुबे ने उन्होंने सीबीएसई बोर्ड कक्षा दसवीं में 93% अंक लाकर होमगार्ड्स तथा नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मध्य प्रदेश मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन के तहत यह पुरस्कार पाने की हकदार बनी है। खातेगांव के सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्र दुबे के पुत्र योगेश दुबे तथा दीक्षा दुबे की सुपुत्री पलक दुबे ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 76 वे होमगार्ड दिवस पर भोपाल में आयोजित एक सादे समारोह के दौरान महामहिम राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल द्वारा प्रशस्ति पत्र के साथ यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं निखर कर सामने आती है। खातेगांव की बेटी पलक दुबे ने 76 वे होमगार्ड दिवस पर भोपाल में महामहिम राज्यपाल महोदय के हाथों सम्मान प्राप्त किया