राजगढ़ अकिंचन ही जीवन भर एक दूसरे के साथ रहने वाले लोग जब बेवजह आपस में गलतफहमियों से दूर हो जाते हैं और उनको पास लाने वाला भी कोई नहीं होता है, ऐसे व्यक्तियों के संबंधों को मधुर और स्थाई बनाने में नेशनल लोक अदालत का आयोजन एक अहम भूमिका अदा करता है। 12 नवंबर 2022 जिला न्यायालय राजगढ़ में आयोजित नेशनल लोक अदालत में राघवेंद्र कुमार श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में ऐसा ही सास और बहू के संपत्ति विवाद का बरसों पुराना मामला सामने आया, जिसमें की पति की मृत्यु के बाद पत्नी को अपने ससुराल की संपत्ति में हिस्से की मांग हेतु एक वाद उसकी सास द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें कि, बहु द्वारा भी अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा गया था जिससे सास और बहू के मध्य संबंधों में और अधिक खटास बढ़ती जा रही थी, इस प्रकरण को पीठासीन अधिकारी द्वारा नेशनल लोक अदालत में दोनों के मध्य सुलह समझौता कायम कर राजीनामा कराया गया, जिससे कि दोनों के आपसी संबंध प्रगाढ़ हुए। नेशनल लोक अदालत के आयोजन अंतर्गत प्रभारी प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव के सुलभ एवं सफल मार्गदर्शन में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मीनल श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में वर्ष की अंतिम एवं चौथी नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय राजगढ़ परिसर स्थित एडीआर सेंटर भवन के सभागार में प्रभारी प्रधान जिला न्यायाधीश के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ ही प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय संजय कुमार पांडे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल कादिर मंसूरी, राघवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, महेश कुमार माली इसी प्रकार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शबनम कदीर मंसूरी, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड सचिन जैन, कनिष्ठ खंड स्वाति बघेल, रुचि पांडे जिला विधिक सहायता अधिकारी रितु प्रजापति, जिला अभियोजन अधिकारी आलोक श्रीवास्तव, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ गिरीश शर्मा व समस्त अधिवक्ता गण, मुख्य नगरपालिका अधिकारी बी डी पतरोलिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दीपक पीपल, लीड बैंक मैनेजर के साथ ही समस्त बैंकों के प्रबंधक, बीएसएनएल के प्रबंधक, विद्युत विभाग के अधिकारी, न्यायालय एवं कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजगढ़ के समस्त प्रशासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी एवं समस्त पैरा लीगल वालंटियर व आमजन उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत आयोजन के उद्बोधन में प्रभारी प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि द्वारा व्यक्त किया गया कि, हमारे द्वारा लोक अदालत आयोजन को सफल बनाने के लिए समस्त जिले में प्रचार प्रसार वाहन से आमजन को जागरूक किया गया है, समस्त न्यायिक अधिकारियों के साथ उनके न्यायालय के समस्त प्रकार के प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखकर समझौते के माध्यम से निराकृत कराए जाने के संबंध में कई बैठकों का आयोजन भी किया गया है। अधिवक्ताओं, बैंक, बीमा, विद्युत, नगर पालिका आदि सर्व संबंधित विभागों के साथ भी पारीचर्चाएं की गई है। हमारा आज यह प्रयास रहेगा कि हम, अपना सर्वोत्तम प्रदान करें। इस बाबत समस्त आम और खास से अपील है कि, वे नेशनल लोक अदालत में अपनी विशेष रूचि दिखाएं। उल्लेखनीय है कि नेशनल लोक अदालत को सफल बनाए जाने हेतु जिला न्यायालय एवं पुलिस परिवार परामर्श केंद्र तथा उपभोक्ता फोरम सहित जिला स्तर पर 8 खंडपीठ का गठन किया गया है। इसी प्रकार तहसील न्यायालय सारंगपुर में 5, नरसिंहगढ़ एवं ब्यावरा में 4- 4, जीरापुर में 2 तथा खिलचीपुर में 1 खंडपीठ का गठन किया गया। इस प्रकार कुल 24 खंडपीठों का गठन किया गया है। इस क्रम में समस्त जिले के, मोटर दुर्घटना, धारा 138, राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, वैवाहिक विवाद सहित, श्रम, संपत्ति विवाद जलकर आदि से संबंधित 1922 लंबित विवाद के प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए हैं। इसी न्यायालय में प्रस्तुत होने से पूर्व के धारा 138, बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल बकाया, जलकर बकाया, वैवाहिक व अन्य प्रकार के प्री लिटिगेशन प्रकरणों में 3811 प्रकरणों को शामिल किया गया है। समाचार लिखे जाने तक जिला एवं तहसील न्यायालय से निराकरण संबंधी जानकारी प्राप्त की जा रही है। ..... 00.... फोटो क्रमांक 1 2 3 4