उमरिया । शहडोल संभाग के कमिष्नर श्री बी एम शर्मा ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया जहां ऐसा महसूस किया गया कि अस्पताल की साफ सफाई महज आज की गई है । उन्होने कहा कि इसी तरह की साफ सफाई प्रतिदिन अपने घरों की तरह कराते हुए अस्पताल को साफ संुदर एवं आकर्षक बनाएं जिससे मरीज एवं अटेण्डेंट छुट्टी होने के बाद याद रख सके।

      कमिष्नर ने अस्पताल में परिसर मंे गार्डन विकसित करने, मोटर सायकल स्टैण्ड व्यवस्थित करने, ओपीडी, दवा वितरण, ब्लैड बैंक, विद्युत मीटर स्थान पर फैले तारों को चार भागों में विभाजित कर क्लोज करने, पैथालाजी , सोनोग्राफी, एक्सरे, कैंसर वार्ड, नेत्र विभाग, मर्चरी, डायलिसिस यूनिट, आपरेषन थियेटर, पोस्ट आपरेटिव कक्ष बर्न यूनिट, आईयूसी कक्ष , प्रसव कक्ष, मेल फीमेल वार्ड आदि का निरीक्षण करते हुए अस्पताल की बेहतर व्यवस्था के संबंध मे आवष्यक सुझाव एवं निर्देष दिए।

      कमिश्नर श्री शर्मा ने बर्न यूनिट में तीन एसी लगाने, आईयूसी में एक करोड़ रूपये की लागत का उपकरण दिलाने, पुराने टायलेट को तोड़कर नया टायलेट बनाने, अस्पताल की सफाई के लिए जिलाधिकारियों का दल गठन कर जांच करने तथा प्रत्येक दिन सफाई के लिए डाक्टरों को इंचार्ज बनाने के निर्देष दिए है। कमिष्नर ने एसएनसीयू में आटोकट जनरेटर क्रय करने की अनुमति देने के साथ साथ अस्पताल की गैलरियों में गमले रखने हेतु निर्देष सीएमएचओ को दिए।

पोषण पुर्नवास केंद्र के माध्यम से कुपोषण मिटाए- कमिष्नर

      कमिष्नर श्री बीएम शर्मा ने जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र का निरीक्षण किया जिसमें 20 बेड में से 21 बच्चे भर्ती पाए गए । कमिष्नर ने कुपोषित बच्चों की माताओ ंसे भर्ती के संबंध में पूछताछ की जिसमें अधिकांष ने आज ही भर्ती होना बताया। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कमिष्नर ने कहा कि जब आज भर्ती के लिए इतने बच्चे मिल सकते है तो शेष दिनों में प्रयास नही किए गए । यह कृत्य कुपोषित बच्चों के लिए खिलवाड़ जैसा प्रतीत होता है। उन्होने निर्देष दिया है कि जिले के समस्त एनआरसी में शत प्रतिषत बच्चांे को भर्ती कराकर जिले को कुपोषण मुक्त बनाए।

इस पर परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास श्री रीतेष दुबे ने बताया कि एनआरसी में भर्ती बच्चों की माताओं को निर्धारित राषि का भुगतान माह अक्टूबर से लंबित है । कमिष्नर ने सीएमएचओ से कहा कि जांच करें किस स्तर पर शासन द्वारा दी जाने वाली राषि लंबित है , और इसमंे जिम्मेदारी ठहराते हुए संबंधित के विरूद्ध अनुषासनात्मक कार्यवाही करना सुनिष्चित करे।

संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास शहडोल श्री बी एल प्रजापति ने एनआरसी चंदिया को बदलकर अमरपुर में खोलने का सुझाव दिया जिस पर कमिष्नर ने अपनी सहमति जताई। उन्होने बताया कि करकेली विकासखण्ड के अंतर्गत जिला अस्पताल में 20 बेड एवं चंदिया में 10 बेड का पोषण पुर्नवास केंद्र स्थापित है जिसमें माह में 60 बच्चें भर्ती हो सकते है । एक ही ब्लाक में दो केंद्र होने के कारण इतनी संख्या में बच्चे उपलब्ध नही हो पाते है, इसलिए बेड खाली रहते है।

एक्सपायरी डेट की दवाएं छत के उपर पाई गई

      कमिश्नर श्री बी एम शर्मा ने जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान छत पर एक्सपायरी डेट की दवाईयां फेंकी हुई पाई। ये दवाईयां खुजली एवं आंख से संबंधित थी, और उनकी एक्सपायरी डेट अगस्त 2016 मे खत्म हो चुकी थी। इसे गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी बाधवगढ श्री ऋषि पवार को तत्काल जांच करने के निर्देष दिए। उन्होने यह भी कहा है कि स्टाक पंजी से मिलान कर यह किस कर्मचारी को आवंटित की गई थी और किन परिस्थितियो में छत के उपर फेकी गई विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दो दिवस के अंदर कलेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत करें ताकि जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही सुनिष्चित की जा सके।

भर्ती मरीजों से मिले कमिष्नर

चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान कमिष्नर श्री बी एम शर्मा ने मेल फीमेल वार्ड मे भर्ती मरीजो से रूबरू होेकर मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि चाय, नास्ता, भोजन एवं समस्त दवाईयां अस्पताल से मिल रही है ।

कमिष्नर ने मरीजों से कहा है कि यदि कोई चिकित्सक बाजार से दवा मंगाए तो उसकी जानकारी कलेक्टर को दें। कमिष्नर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा आर के सिंह को निर्देषित किया है कि समस्त वार्डो में सीएमएचओ, सीएस एवं कलेक्टर का मोबाइल नंबर लिखाएं ताकि किसी भी गडबडी के लिए मरीज सीधे बात कर सके।

      कमिष्नर श्री शर्मा ने पदस्थ स्टाफ के संबंध में सीएमएचओ से जानकारी लेते हुए कहा है कि मरीजों से परिवार के सदस्य की भांति व्यवहार रखें और संवेदनषील होकर हंसते हुए उनसे बाते करें तो निष्चित रूप से डाक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की छवि उभरकर आएगी। विपत्ति एवं कष्ट के समय दिया गया सहयोग उनके जीवन में यादगार के रूप में रहेगा । समस्त स्टाफ सेवा भाव से मरीजों की सेवा का व्रत लें तो उमरिया जिले का चिकित्सालय जनता की जुबान में सहयोगी के रूप मे जाना जाएगा।

      कमिष्नर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिषेक सिंह, संयुक्त कमिष्नर श्री राज कुमार कोरी, अपर कलेक्टर श्री मंगल सिंह मरावी, सीएमएचओ डा आर के सिंह, सिविल सर्जन डा कानस्कर, संयुक्त संचालक महिला बाल विकास श्री बी एल प्रजापति, परियोजना अधिकारी श्री रीतेष दुबे, सुनेंद्र सदाफल, डाक्टर शाक्य, डाक्टर द्विवेदी सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।