ब्यावरा ( भगवत शर्मा )उप स्वास्थ्य केंन्द्र कचनारिया में आसरा सामाजिक लोक कल्याण समिति स्वास्थ्य विभाग और USAID से सहयोग प्राप्त M-RITE प्रोजेक्ट के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया , इस अवसर पर डॉ विजय करोड़िया ने बताया कि किशोरावस्था और वयस्कता के शुरुआती वर्ष जीवन का वह समय होता है, जब कई बदलाव होते हैं, उदाहरण के लिए स्कूल बदलना, घर छोड़ना, कॉलेज, विश्वविद्यालय या नई नौकरी शुरू करना कई लोगों के लिए ये रोमांचक समय होता हैं,यह तनाव और शंका का समय हो सकता | कई लाभों के साथ ऑनलाइन प्रौद्योगिकियों का बढ़ता उपयोग इस आयु वर्ग के लोगों के लिए अतिरिक्त दबाव भी लाया है, हालांकि यदि इसे पहचाना और प्रबंधित नहीं किया जाता है, तो यह तनाव मानसिक रोग उत्पन्न कर सकता है सभी मानसिक रोग चौदह वर्ष की उम्र तक शुरू होते है, लेकिन अधिकांश मामले रोग की जानकारी और उपचार के बिना रह जाते है किशोरों में रोग भार के संदर्भ में अवसाद तीसरा प्रमुख कारण है। आत्महत्या पंद्रह से उनतीस वर्षीय लोगों के बीच मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है। किशोरों में अल्कोहल और मादक पदार्थों का हानिकारक उपयोग कई देशों में एक प्रमुख समस्या है यह असुरक्षित यौन संबंध या खतरनाक ड्राइविंग जैसा ज़ोखिमपूर्ण व्यवहार उत्पन्न करता है। आहार विकार भी चिंता का विषय हैं। यदि उपचार नहीं किया जाता है, तो ये स्थितियां बच्चों के विकास, शिक्षा प्राप्ति तथा उनकी जीवन अपेक्षाएँ पूरी करने और जीवन उत्पादकता की क्षमता को प्रभावित करती हैं। इस बात का भी ध्यान रखना बहुत जरुरी है,इस मौके पर सामाजिक लोक कल्याण समिति राजगढ़ ब्यावरा ब्लॉक क्षेत्रीय समन्वयक भगवत शर्मा, भोलाराम वर्मा सहित ग्रामीणजन मौजूद रहे,