लखन गुर्जर राजगढ़ राजगढ़। अपर कलेक्टर कमल चंद्र नागर द्वारा बताया गया कि नगर में बाहर से कई गरीब लोग आते है और मजदूरी करते है साथ ही नगर में निर्माण कार्य में मजदूर भिन्न जगहों पर कार्य करते है। उन्हें कई बार भोजन की व्यवस्था नही हो पाती है। कई बार उन्हें भूखे रहना पड़ता है। इसके अतिरिक्त शहर में कई ऐसे तबके है, जिनकों भोजन की आवश्यकता होती है। अतः काफी समय से यह महसूस किया जा रहा था कि एक ऐसी व्यवस्था होना चाहिए, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को नाममात्र की दरों पर या निशुल्क भोजन प्रदाय किया जा सके। -मोबाईल वाहन के माध्यम से भोजन प्रदाय किया जाएगा भोजनालय की व्यवस्था तो हो जाती है। किंतु उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में बांटने की समस्यां आती है, इसको देखते हुए चलित भोजनालय की परिकल्पना की गई है। इसके लिए रेडक्रॉस के माध्यम से एक पुराने वाहन की व्यवस्था की गई। उसकी सफाई एवं मरम्मत तथा पेंट कराया गया। वही वाहन में खाना और प्लेटे रखने की लिए व्यवस्था कराई गई, ताकि इसको चलित भोजनालय का स्वरूप दिया जा सके। यह चलित भोजनालय विभिन्न जगहों पर जाकर गरीब एवं जरूरतमंदों को भोजन प्रदाय करेगी। इस चलित भोजनालय का नाम मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा रथ योजना रखा गया है। रथ इसलिए क्योंकि यह चलित सेवा है। वाहन रेडक्रॉस द्वारा प्रदाय किया गया है तथा भोजन दीनदयाल रसोई द्वारा प्रदाय किया जाएगा। इस प्रकार दोनों संस्थाओं के माध्यम से इस जनकल्याणकारी सेवा का क्रियान्वयन किया जाएगा। सेवा के अंतर्गत जो भोजन हेतु राशि देने में सक्षम होंगे उनसे राशि रूपये 10 अधिकत्म प्राप्त किया जाएगा एवं जो राशी देने में असमर्थ होंगे उन्हें निशुल्क भोजन प्रदाय किया जाएगा। -भोजन की व्यवस्था हेतु विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट/दानदाताओं/एनजीओ से सेवाएं ली जाएंगी भोजन की व्यवस्था दीनदयाल रसोई के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न होटल, मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट, दानदाताओं तथा स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद भोजन व्यवस्था हेतु ली जाएगी। जिससे दीनदयाल रसोई पर भी अधिक वित्तीय भार न आए। इनके लिए अन्नपूर्णा रथ योजना ज्यादा लाभदायक साबित होगी - वृद्धाश्रम - अनाथालय - मजदूर वर्ग - गरीब तबके के लोग, जिनके पास भोजन की व्यवस्था नही है। - शहर में बाहर से आने वाले लोग जिनके पास भोजन की व्यवस्था नही रहती है। इस योजना में न केवल शासन का सहयोग रहेगा अपितु निजी दानदाताओं, रेस्टोरेंट, होटल मालिकों एवं स्वयं सेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। इस प्रकार यह केवल शासन पोषित योजना नही होगी, अपितु इसमें जन सहभागिता भी होगी और जन सहभागिता के माध्यम से ही इस योजना का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया जाना परिकल्पित है।
अन्नपूर्णा रथ को अपर कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी गरीब एवं भार के मजदूरों को किफायती दामों पर एवं अत्यंत गरीबों को निशुल्क मिलेगा भोजन