ब्यावरा,मुस्लिम समुदाय ने मुहर्रम का त्योहार बड़े श्रद्धा से मनाया गया, यह त्योहार से अधिक इमाम साहब की कुर्बानी की यादगार है, ताजियों पर श्रद्धालुओं ने मन्नत के धागे बांधे,दुआएँ मांगी और प्रसाद चढ़ाया। मुस्लिम समुदाय के अलावा हिन्दू समुदाय के लोग भी वर्षों से पूरी श्रद्धा से ताजियों पर मन्नतों के धागे बांधते आए हैं। युवाओं ने अखाड़ों के माध्यम से कलाओं का प्रदर्शन किया। नगर में बहुत सुंदर नक्काशी किये हुए ताज़िये बनाकर निकाले गए,इस दौरान जगह जगह ताज़ियेदारों व अखाड़ों के उस्तादों का सम्मान किया गया,स्थानीय इमामबाड़े से ताजियों का चल समारोह प्रारम्भ हुआ जो राजगढ़ रोड स्थित कब्रिस्तान के सामने पहुंचा, जहाँ से विसर्जन के लिए राजगढ़ ले जाया गया, ताजियो के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चौकस रही।
ताजियों पर श्रद्धालुओं ने बांधे मन्नत के धागे, मांगी ,दुआएँ