ब्यावरा, ( रिपोर्ट -भगवत शर्मा ) नगर के मुक्तिधाम रोड के समीप सर्वे क्रमांक 17/18 में प्रशासन द्वारा जो भूमि गौशाला को दी गई है उसमे राजस्व के पुराने रिकार्ड के अनुसार आम रास्ता व 17सर्वे नम्बर का कब्जा है,जिस पर गौशाला का पक्का निर्माण किया जा रहा जिसे रुकवाने के लिए पीड़ित जगदीश कुशवाहा ने कलेक्टर को एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है, जगदीश कुशवाहा ने बताया की प्रशासन गलत तरीके से मेरे पूर्वजो की जमीन गौशाला को दे रहा है उक्त भूमि 17/18 में मेरे दादा किशनलाल / मोहनलाल पिता मुन्नालाल के नाम दर्ज है, इस भूमि पर मेरे परिवार के द्वारा ईट भट्टो के व्यवसाय कर भरण पोषण करते चले आ रहे है , विगत कई वर्षों से इस जगह पर मेरा परिवार ही निवास कर रहा है,जिसमे तहसीलदार, पटवारी ने मेरी भूमि को गौशाला के नाम पर दे है, जिन व्यक्तियों के नाम जगह है जिसमे उमेश श्रीवास्तव, लक्की मिश्रा हर्ष तोमर पिंकू बना, भानू तोमर, सेबाग गुप्ता, उमेश शर्मा आदि जिनके नाम पर पूर्व में कई आपराधिक रिकार्ड भी दर्ज है, और जो गौशाला है उसका भी पंजीयन नही है यह लोग अवैध तरीके से गौशाला के नाम पर दुकाने निर्माण कर व्यापार करते आ रहे है,गौशाला के नाम पर मेरी निजी सम्पत्ती सर्वे नंबर 17/18 पर आरसीसी एवं लोहे के सरिया डालकर एक पक्का निर्माण कार्य बहुत तेजी से कराया जा रहा है, जिसकी शिकायत मेरे द्वारा एसडीएम और कलेक्टर महोदय को की गई है, ब्यावरा एसडीम द्वारा एक प्रतिवेदन बना कर पटवारी को दिया गया था, लेकिन पटवारी श्रीनाथ पालीवाल ने भी अभी तक उसका जवाब नही दिया, अभी तक किसी तरह की कोई सुनवाई या कार्यवाही नही हुई है और ना ही निर्माण कार्य रुखा है, अगर आने वाले दिनों में मेरी सुनाई नही होती है और मुझे प्रशासन द्वारा ज्यादा पीड़ताड़ित किया गया तो मुझे मजबूरन पूरे परिवार के साथ जहाँ पर पक्का निर्माण कार्य चल रहा है वहीं पर आत्मदाह करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होंगी,प्रशासन मेरे साथ न्याय नही कर रहा है, *जबाव मांगने पर जेल भेजने की धमकी,नही छोड़ा आने जाने का रास्ता* मेरे द्वारा तहसीलदार से पूछने पर कोई भी जबाव नहीं दिया गया एवं ना ही किसी प्रकार का नोटिस एवं सूचना दी गई, और मेरे ईट के भट्टे को बुलडोजर एवं ट्रक्टरों से भिन्न भिन्न कर पूरी जमीन को साफ कर दिया गया मेरे जबाव गांगने पर मुझे जेल भेजने की धमकी दी गई और मेरे पूरे परिवार को अंदर करने को कहा गया, जानकारी अभी तक नहीं बताई गई तहसीलदार एवं पटवारियों की मिली भगत के कारण मुझ गरीब किसान की निजी सम्पत्ती पे गौशाला के नाम पर कब्जा कर लिया गया जिससे मेरी भूमि में आने जाने तक का रास्ता नही बचा हे पूरी जगह घेर ली गई है,यहां तक मेरे पीछे आने जाने का रास्ता तक नही छोड़ा, *इनका कहना है* आवेदक जगदीश कुशवाहा बखत पुरा का आवेदन आया था, जिसे तहसील कार्यालय भेज दिया गया उक्त सम्बंधित तहसीलदार का मामला है, वहीं देखेंगे एसडीएम संजय उपाध्याय ब्यावरा उक्त मामले को लेकर तहसीलदार महेंद्र प्रताप सिंह से चर्चा करना चाहा, दो बार कॉलिंग होने के बाद उन्होंने कॉल रिसीव किया,उन्होंने कहा क़ी में अभी व्यस्त हूँ बाद में कॉल करूँगा,
गरीब किसान की निजी सम्पत्ती पर गौशाला का कब्जा,पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई गुहार,* *तहसीलदार से पूछने पर नही दिया कोई जबाव, मिली -भगत से चल रहा पक्का निर्माण कार्य*