राजगढ़ जिले के सारंगपुर ब्लॉक के समर्थन मूल्य गेहूं उपार्जन केंद्र पर अव्यवस्था देखी गई किसानों के लिए नहीं छाया ना पानी की व्यवस्थाएं तक नहीं जब मीडिया की टीम ने दौरा किया था देखा कि पूर्व में दिए गए कलेक्टर के निर्देश के बावजूद भी सोसाइटी केंद्रों पर किसानों के लिए पानी और छाया की व्यवस्था पर्याप्त नहीं की गई प्रशासन के सख्त आदेश होने के बावजूद भी पढ़ना, सारंगपुर,तलेन आदि सोसाइटी केन्द्रों पर कई प्रकार के अनियमिता को देखने को मिली यहां पर टेंट भी नहीं लगाया गया किसान सिर्फ नीम के पेड़ के नीचे हैं किसान बैठना पड़ रहा हैं तो कहीं किसान वेयरहाउस कि छांव में बैठे नज़र आए पिने के पानी के लिए टैंकर खड़े हैं तो कहीं पर पानी तक नहीं है जबकि प्रशासन के निर्देश थे पानी के मटके रखे जाएं और किसानों को बैठने टेंट लगवाएं लेकिन सारंगपुर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले उपार्जन केंद्रों पर प्रशासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है सोसाइटी प्रबंधक को के द्वारा ना टेंट लगवाया ना पानी मटके रखे गए कुछ उपार्जन केंद्र पर देखने को मिली पढ़ना,आसरेटा ,तलेन उपार्जन केंद्र पर आदि सोसाइटी केंद्रों पर किसानों के पिने के पीने के लिए गर्मी के मौसम में दुर तक जाना पड़ता है जो कि गर्मी के मौसम में गर्म पानी पीने को मजबुर हो जाता है जबकि कलेक्टर का आदेश है कि किसानों के लिए लाइट, पानी, एवं छांव की व्यवस्था पूरा ध्यान रखा जाए वही कुछ केंद्रों विवाद की खबर भी मिल रही है नहा ली ब्यावरा ब्लॉक के लखनवास राजगढ़ ब्लाक के करनवास उपार्जन केंद्र विवाद भी हुए हैं ब्यावरा ब्लॉक गागा होनी उपार्जन केंद्र बक बाज लखनवास मलावर आदि केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन भी होते देखा गया कुछ सोसाइटी प्रबंधकों द्वारा बताया गया कि शासन के निर्देश है अगर गेहूं में कचरा कुटा है तो से चलना लगवा कर तो ले उसको लेकर किसान एवं सोसायटी कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बनती है किसान गेहूं तुल वाने के लिए सोसायटी कर्मचारी पर दबाव बनाते हैं अगर वह तोल नहीं करते झगड़ा करते हैं और इस बार देखने में भी आ रहा है कि किसान अपना माल मंडी अधिक बेच रहे है प्रशासन द्वारा कट्टी के वज़न के बारे में 50 किलो 750 ग्राम तोल सकते हैं लेकिन वही पढ़ना उपार्जन केंद्र मन कामेश्वर वेयर हाउस पढ़ना पर 50 किलो 750 ग्राम गेहूं तोला जा रहा है इसमें देखने में आया कोई 50 किलो 750 ग्राम लेना चाहिए लेकिन कई जगह पर 50 किलो 800 ग्राम कट्टी का तोल किसानों से लिया जा रहा है जो कि किसानों लिया जा रहा है जबकि वास्तविकता 50 किलो डेढ़ सौ ग्राम लिया जाना चाहिए है पूर्व में जिला कलेक्टर हर्ष दीक्षित सभी सोसाइटी प्रबंधक एवं परिवहन अधिकारियों निर्देशित किया गया था परिवहन समय पर करें 48 घंटे केंद्र से जब उठाएं सोसाइटी प्रबंधक को भी निर्देश दिए गए आवश्यक संसाधन तोल कांटे धागा पंखा चलना नमी मापक यंत्र आदि पुराना और अथवा खराब क्वालिटी का गेहूं ना खरीदें पूरी सतर्कता से सहजता बरती जाए और किसानों के गेहूं समय पर तो ले जाएं उन्हें किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए अगर इसमें जरा सी लापरवाही की गई तो संबंधित व्यक्ति से नुकसान की वसूली की जाएगी कलेक्टर द्वारा पूर्व में ही संबंधित अधिकारी एवं सोसाइटी प्रबंधकों को निर्देशित किया गया था