समर्थन मूल्य की खरीदी को लेकर मऊ में सोसायटी प्रबंधन और खिलाड़ी हुए आमने सामने, एसडीएम ने तहसीलदार, टीआई को भेजा, सुलझा मामला ब्यावरा। सुठालिया तहसील के गांव मऊ में खिलाड़ियों के खेल मैदान को समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्र बनाए जाने पर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। इस मौके पर सोसायटी प्रबंधन और खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। हंगामा इतना बढ़ गया कि मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को पहुंचकर मामले को सुलझाना पड़ा। दरअसल गांव में युवाओं के क्रिकेट खेलने के लिए बनाए गए ग्राम पंचायत के खेल मैदान पर गेहूं समर्थन मूल्य खरीदी का केंद्र बना लिया गया। जिसका विरोध गांव के युवाओं ने किया। लेकिन सोसाइटी के सेकेट्री द्वारा जिद करने पर खिलाड़ी भी आक्रोश में आ गए और खेल मैदान के गेट पर धरने पर बैठ गए। खिलाड़ी सेकेट्री की भाषा शैली से भी आक्रोशित हुए। जमकर नारेबाजी करने लगे। मामले की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर हर्ष दीक्षित और एसडीएम संजय उपाध्याय ने तहसीलदार, सुठालिया थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को मौके पर रहेंगे और मामले को शांत कराया। मैदान में नहीं होगी गेहूं की खरीदी- सोमवार को सुबह से ही गेहूं खरीदी के लिए सोसायटी द्वारा मैदान में तैयारी कर ली गई थी और बीच मैदान में टेंट लगा दिया गया था। जब सुबह खिलाड़ी मैदान पर पहुंचे तो उनके मैदान पर तब जाकर दिया गया था। इसके बाद आक्रोशित खिलाडी निदान के गेट पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे खिलाड़ियों का कहना था कि सोसाइटी के पास गेहूं खरीदी के लिए पर्याप्त जगह होने के बाद भी खेल मैदान पर हर वर्ष कब्जा कर लिया जाता है और मैदान को क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है। जबकि इस बारे में पूर्व में ही एसडीएम को आवेदन दे दिया गया था। फिर भी समर्थन मूल्य खरीदी के लिए मैदान पर कब्जा कर लिया गया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार भूपेंद्र कैलाशिया ने दोनों पक्षों को समझाया और कहा कि खेल मैदान खिलाड़ियों के खेलने के लिए है इस पर अनावश्यक कब्जा नहीं किया जाना चाहिए। समर्थन मूल्य की खरीदी मैदान के बाहर की जाए। इस मौके पर आपसी सहमति से कुछ हिस्से में गेहूं रखने और कांटा लगाने की अनुमति खिलाड़ियों के द्वारा दी गई और कांटा लगाने की अनुमति खिलाड़ियों के द्वारा दी गई। खेल मैदान खिलाड़ियों के खेलने के उपयोग में ही आएगा और गेहूं के ट्रैक्टर ट्राली मैदान की बाउंड्री वाल के बाहर खड़े किए जाएंगे। इनका कहना है खिलाड़ियों ने पूर्व में आवेदन दिया था। जिसको संबंधित विभाग को फॉरवर्ड कर दिया गया था। आज के घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर मौके पर तहसीलदार को भेजा गया था और आपसी सहमति बनने के बाद मामले को शांत करा दिया गया। खेल मैदान पर अनावश्यक कब्जा नहीं होगा।  संजय उपाध्याय, एसडीएम ब्यावरा।