ब्यावरा.प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शहद कॉलोनी ब्यावरा द्वारा संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासक आदि जानकी जी के द्वितीय स्मृति दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग द्वारा व्यापारियों का स्नेह मिलन कार्यक्रम "आत्म निर्भर भारत से स्वर्णिम भारत की ओर आयोजित किया गया। जिसका ब्रह्माकुमारीज की जिला प्रभारी बीके मधु , सेवा केंद्र संचालिका ब्रम्हाकुमारी लक्ष्मी दीदी , नगर सेठ महेश अग्रवाल ,हलवाई संघ के अध्यक्ष दीपक नाटाणी , इलेक्ट्रॉनिक व्यापार संघ के अध्यक्ष रवि बडोनिया , ब्रेडफैक्ट्री के मालिक अशोक दांगी , फुटवियर के व्यापारी सुरजीत सिंह पंजाबी , विष्णु दांगी व्यापारी ने दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन किया । इस अवसर ब्रम्हाकुमारी मधु दीदी द्वारा दिव्य उद्बोधन मे व्यापार में परमार्थ एवं उद्योग में योग सम्मिलित करने की विधि को विस्तार से बताते हुए कहां की परमात्मा ने हमें तन मन और धन एवं धन कमाने के लिए बुद्धि दी है, उसके आधार पर दुआओं रूपी पूंजी को भी बढ़ाना चाहिए क्योंकि जहां स्थूल धन काम नहीं आता है वहां दुआएं ही हमारी सुरक्षा करती है, जो हम सब ने कोरोना काल में भलीभांति देखा । जीवन यापन के लिए धन कमाना आवश्यक है लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि धन किसी की बलाये लेकर ना आये, नहीं तो धन तो जायेगा ही लेकिन साथ मे सेहत भी लेजायेगा। इसलिए वर्तमान में परमात्मा शिव धरा पर आकर ज्ञान धन का व्यापार करना सिखा रहे हैं जो अविनाशी एवं जन्म जन्मांतर साथ चलने वाला है सच्चा धन संतोष धन है जो हमें परमात्मा की याद से ही प्राप्त होता है उन्होंने सबको राजयोग अनुभूति कोर्स करने के लिए भी प्रेरित किया खुशियों का ओटला के संस्थापक सुरजीत सिंह ने सिख धर्म के तीन पिल्लर जिनका सबको पालन करना चाहिए सिमरन ,कीर्ति अर्थात सत्कर्म और बाँटकर खाना अर्थात स्व के साथ सर्व के भले की बात सोचना एवं सांसों को बचाना यह सबसे श्रेष्ठ व्यापार है। इलेक्ट्रॉनिक व्यापार संघ के अध्यक्ष रवि बङोनिया ने उनके पिताजी का अनुभव सुनाते हुए कहां की ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू यात्रा से लौटने के बाद पिताजी ने हमेशा के लिए तंबाकू एवं व्यसनों को त्याग दिया जो कि उनके लिए छोड़ना असंभव था और उन्हीं की वजह से हमारा पूरा परिवार निर्व्यसनी है इसका श्रेय उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था को दिया । अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए एवं ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रशंसा की । सारंगपुर सेवा केंद्र संचालिका भाग्यलक्ष्मी दीदी ने संस्था की मुख्य दादी जानकी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दादीजी ने राजयोग के द्वारा अपने मन पर संपूर्ण विजय प्राप्त कर ली थी इसीलिए उन्हें अमेरिका की यूनिवर्सिटी द्वारा मोस्ट स्टेबल माइंड इन दी वर्ल्ड खिताब से नवाजा गया था दादी जानकी जी ने विश्व के 130 देशों में परमात्मा संदेश देकर जन-जन को सनातन संस्कृति से परिचित कराया वह हमेशा कहते थे सफेद कपड़ा जेब खाली मैं हूं सारे मुल्क की वाली अर्थात हमेशा हमें त्याग तपस्वी एवं परोपकारी जीवन जीना चाहिए यह दादी जी की मूल शिक्षाये थी। जो हम सबके लिए अनुकरणीय हैं 104 वर्ष की आयु में 27 जनवरी 2020 को दादी अव्यक्त होकर हम प्रेरणा स्रोत बनी। अंत में दादी जी को अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की एवं अतिथियों को ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ईश्वरीय सौगात दी गई। कुमारी अनवि द्वारा स्वागत नृत्य एवं सुनीता अग्रवाल द्वारा सफल मंच संचालन किया गया इस अवसर पर संस्था से जुड़े जिले भर के आई हुई दीदियों का किया सभी ने सम्मान एवं ब्यावरा के सैकड़ों भाई बहने उपस्थित रहे