कलेक्टर श्री पी. नरहरी के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम की छापेमार कार्यवाही में 94 श्रमिक विपरित परिस्थितियों में काम करते हुये पाये गये। इनमें से 39 बाल श्रमिक हैं, जिनकी आयु 14 वर्ष से कम है। एसडीएम श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह कलेक्टर श्री पी. नरहरि को पर्स एवं बैग फैक्ट्री में बाल श्रमिक के कार्य करने की सूचना मिली थी। जिस पर कलेक्टर ने तुरंत छापा मारने के निर्देश दिए थे। एसडीएम श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने जे. एम. वी. रेस्टोरेंट के पास मोती तबेला मिल्लत नगर में तीन मंजिला आवासीय भवन में छापामार कार्यवाही की, जिसमें यह पर्स एवं बैग बनाने वाली फैक्ट्री संचालित हो रही थी। एसडीएम श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि उस क्षेत्र में ऐसे तीन फैक्ट्रियां कार्यरत थीं जिन पर छापा मारा गया। जहाँ 94 से अधिक लोग विपरीत परिस्थिति में कार्य करते मिले है, इनमें ज्यादातर बच्चे है और सब बिहार राज्य के निवासी हैं। फैक्ट्रियां आवासीय मकानों में संचालित हो रही थीं। जांच करने पर इसकी किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं पायी गयी। यह बच्चे इन्हीं भवनों में काम करते थे, यही खाते-पीते थे और यहीं पर सो जाते थे। बच्चों के पास ठंड से बचने के लिये गरम कपडे भी नहीं थे। पूछताप के दौरान पाया गया कि इन बच्चों को बिहार राज्य से लाकर यहां काम पर लगाया गया था और न्यूनतम मजदूरी नियमों का पालन किये बगैर ही इनसे काम कराया जा रहा था। इस छापामार कार्यवाही के दौरान चाईल्ड लाइन के श्री अविनाश और उनकी टीम ने बेहतर कार्य किया गया। सभी सूचनायें एकत्रित कर छापामार कार्यवाही के बेहतर परिणाम प्राप्त हुये हैं। इन सभी बच्चों को बेग फैक्ट्री से निकालकर महिला एवं बाल विकास कार्यालय ले जाया गया, जहां बाल श्रमिकों की काउंसिलिंग कर, उनका मेडिकल कराया गया। साथ ही बाल श्रमिकों के बयान भी दर्ज किये गये। इन सभी 94 श्रमिकों में से 39 बाल श्रमिक पाये गये हैं। इन सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। एसडीएम ने बताया कि 14 वर्ष से बडे बच्चों के प्रकरणों में कम मजदूरी देने, विपरित परिस्थितियों में काम कराने एवं अन्य श्रम धाराओं के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इन सभी प्रकरणों के अलावा बाल श्रम अधिनियम अंतर्गत अतिरिक्त कार्यवाही भी की जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी बच्चों के लिये खाने-पीने और गरम कपडों की व्यवस्था की गयी है। इस छापामार कार्यवाही में महिला एवं बाल विकास के श्री पासी, सहायक श्रम आयुक्त, चाईल्ड लाइन के सदस्य, नायब तहसीलदार, आरआई एवं पुलिस जवानों से प्रभावी कार्यवाही की।