रायसेन | 14-जनवरी-2017 आनंदम कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मुख्यालय स्थित महामाया चौक में पण्डित दीनदयाल परिसर में बनाई गई नेकी की दीवार का वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार द्वारा शुभारंभ किया गया। इस स्थान पर लोगों द्वारा कपड़े, कम्बल, शाल, खिलौने, बर्तन एवं अन्य सामग्रियां रखीं गई हैं जिन्हें जरूरतमंद व्यक्ति यहां से ले जाएंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री डॉ. शेजवार ने कहा कि दान करने से अंर्तमन को जो संतुष्टि प्राप्त होती है और उससे जो आनंद मिलता है उसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उसकी केवल अनुभूति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो संतुष्टि और सुख अंर्तमन से प्राप्त होता है वह भौतिक संसाधनों और धन से नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा सकारात्मक विचार रखना चाहिए। हमारे विचार सकारात्मक होंगे तो हम लोगों की भलाई के लिए निस्वार्थ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नकारात्मक विचार न तो स्वयं को आनंद दे सकते हैं और न ही किसी दूसरे को। वन मंत्री डॉ. शेजवार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आनंद विभाग की परिकल्पना का मूल उद्देश्य सबके जीवन में सुख और आनंद लाना है। इसमें सम्पन्न लोग अपनी अतिरिक्त चीजों का दान कर अभावग्रस्त लोगों की मदद कर सकते हैं ताकि उनकी भी परेशानियां कम हों और वे भी सुख की अनुभूति कर सकें। उन्होंने कहा कि कपड़े, कम्बल, खिलौने, बर्तन आदि ऐसी अतिरिक्त वस्तुएं जिनके पास हैं वे यहां रख जाएं और जिन्हें इसकी जरूरत है वे यहां से ले जाएं। वन मंत्री डॉ. शेजवार ने कहा कि जो यहां सामग्री दान देंगे वे इस बात का भी ध्यान रखें कि वह उपयोग करने योग्य हो और जो यहां से ले जाएं वह भी इस बात का ध्यान रखें कि उतनी ही सामग्री ले जाएं जितनी उनके लिए जरूरी है। उन्होंने समाज के सभी वर्गो से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए इस प्रकल्प को सफल बनाने की अपील की। डॉ. शेजवार ने जिला मुख्यालय स्थित अनुसूचित जाति विभाग के मंगल भवन को दुरूस्त कर नेकी की दीवार की स्थाई व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। दूसरों के दुखों को बांटने का प्रयास करना चाहिए- कलेक्टर कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती भावना वालिम्बे ने कहा कि आनंदम विभाग की परिकल्पना कहीं न कहीं हमारी संस्कृति से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में वसुधैय कुटुम्बकम कहा गया है अर्थात पूरा संसार एक परिवार है और पूरा परिवार सुखी रहे, प्रसन्न रहे यह सभी की कामना होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में अधिक से अधिक धनोपार्जन तथा भौतिक संसाधन जीवन की जरूरतों को पूरा तो कर सकते हैं लेकिन मन की शांति और आनंद नहीं दे सकते। मन की संतुष्टि और आनंद का धन से कोई संबंध नहीं है। कलेक्टर श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि सुख बांटने से बढ़ता है और दुख बांटने से कम होता है। हमें दूसरों के दुखों को बांटने का प्रयास हमेशा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम समाज से जो प्राप्त करते हैं उसे समाज को अपने जीवनकाल में ही देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पूरे जिले भर में आनंदम कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं खेलकूद संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएगीं। कार्यक्रम में एसपी श्री जगत सिंह राजपूत, सीईओ जिला पंचायत श्री स्वरोचिश सोमवंशी, डीएफओ श्री रमेश गनावा, अपर कलेक्टर श्री एसबी सिंह, एनआरएलएम के परियोजना अधिकारी श्री एसडी खरे तथा भाजपा जिला महामंत्री श्री राकेश तोमर उपस्थित थे।
रायसेन अंतर्मन की संतुष्टि से ही मिलता है वास्तविक आनंद- वन मंत्री आनंदम कार्यक्रम के अंतर्गत नेकी की दीवार का शुभारंभ