बोड़ा। महाराणा प्रताप की पुण्य तिथि के अवसर पर 19 जनवरी, बुधवार की रात बोड़ा के समीपस्थ ग्राम देवनगर (कोड़िया गौड़) में क्ड़कड़ाती ठंडी रात में पहली बार हुआ कवि सम्मेलन महानगरों के लाखों रुपयों के बजट वाले कवि सम्मेलनों पर भारी पड़ गया। कंपकंपा देने वाली सर्दी में आधी रात तक सैकड़ों बच्चे, युवक और बुजुर्ग डटे ही रहे। कार्यक्रम का संयोजन जहाँ स्थानीय कवि कान्हा सोनी 'रसिया' ने किया, वहीं संचालन की बागडोर राजेश यादव राज ने संभाली। कवि सम्मेलन की शुरूआत भगवान दास सोनी ने सुमधुर सरस्वती वन्दना से की। इसके बाद डॉ सुरेश विरमाल, अजय अंगार और राजेश सत्यम ने धुंआधार काव्यपाठ कर रंग जमा दिया। गोपचांदजी के ओटले पर हुए इस कवि सम्मेलन के पूर्व अतिथियों ने देव पूजा की तथा कार्यक्रम के आयोजक विधायक प्रतिनिधि राजेश राजपूत और समस्त ग्रामवासियों ने पूर्व सैनिकों और कवियों का सम्मान पुष्पहार से किया। सभी कवियों को ग्रामवासियों ने बड़े प्यार और सम्मान के साथ न सिर्फ सुना और सराहा अपितु समापन के बाद होड़ लगाकर सेल्फियां भी लीं।
राजगढ़ / बोड़ा - महाराणा की पुण्य तिथि पर देवनगर में दी गई कवितांजलि पूर्व सैनिकों की उपस्थिति में हुआ ऐतिहासिक कवि सम्मेलन