छापीहेड़ा समीप नांदनी के शासकीय हाई स्कूल में सात दिवसीय काउंसलिंग कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को विद्वान अतिथियों ने संबोधित किया जिसमें बच्चों की इच्छा से पूर्व सेनिक फौजी श्री गायरी जी ने आर्मी भर्ती से लेकर सैनिक की सब जानकारी बच्चों को दी सेना में भर्ती होने के लिए भी प्रेरित किया। पतंजलि के योग प्रचारक संतराम आर्य ने बच्चों को शिक्षा,विद्या,स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते कहा परमात्मा के ज्ञान विशेष ज्ञान मतलब विज्ञान मे कहा संसार का सबसे पुराना ज्ञान एक अरब 96 करोड वर्ष पुराना वैदिक विज्ञान अर्थार्त पूर्ण विज्ञान है जिसके आधार पर विश्व के प्रत्येक मानव को 400 वर्षों तक स्वस्थ सुखी समृद्ध शाली बलशाली पराक्रमी बन कर जीवन जीने की 16 कला में योग आयुर्वेद तथा 64 विद्या में संपूर्ण ज्ञान-विज्ञान है इस शिक्षा के लिए वैदिक शिक्षा बोर्ड के आर्ष गुरुकुल बच्चो को पढ़ना होगा आज जहां स्कूल मतलब अंग्रेज का कुल (परिवार) जिसमें रोगी,भोगी,बेरोजगारी,अज्ञानी आदी कायरता निहीत है क्योंकि इसमें अधूरा आधुनिक विज्ञान मिलता। आर्ष गुरुकुल का विद्यार्थी पूर्ण वैदिक ज्ञानी 16 कला 64 विद्या का वैज्ञानिक होकर हजारों लाखों का पालन पोषण करता। ईश्वरी वैदिक विज्ञान कौ देने मध्यप्रदेश में शाजापुर के मोहन बड़ोदिया कन्या गुरुकुल तथा बालक का होशंगाबाद,भोपाल के बेरसिया इंदौर व खंडवा आदि स्थान पर आर्य समाज ने खोला है, जिसमें शिक्षा निशुल्क है जिसकी बच्चों को सूचना देते योग सिखाया । बच्चों का मार्गदर्शन पतंजलि युवा भारत के जिला प्रभारी भगवान सिंह कारपेंटर ने भी किया । शासकीय योग शिक्षक भगवत सिंह परमार ने योग सिखाते 8 प्राणायाम कराया। कार्यक्रम के समापन पर आभार प्राचार्य ओमप्रकाश खटीक जी ने किया।
राजगढ़ / छापीहेड़ा - संसार का पहला पुराना ज्ञान विज्ञान है वेद जिसके योग- आयुर्वेद से मनुष्य जीता 400 वर्ष- संतराम केयर काउंसलिंग कार्यक्रम का हुआ समापन