पड़ाना बी एस एफ सुरक्षा बल में चयन होने के बाद 6 माह तक पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर गांव को लोटी गांव की पहली बेटी कृतिका परमार पिता अशोक परमार का जगह जगह आतिशबाजी वह ढोल नगाड़ों के साथ पुष्प वर्षा फूल माला एवं साफा बांधकर स्वागत व सम्मान किया गया इस दौरान हिंदू उत्सव समिति के नगर अध्यक्ष नगीन जैन आशापुरी मित्र मंडल अध्यक्ष मुकेश जलोदिया बजरंग दल दीपक परमार नगर भाजपा अध्यक्ष अनिल कुमार सोनी और पूर्व जनपद सदस्य दिनेश परमार सुरेश पुरी गोस्वामी लक्ष्मीनारायण परमार बबलू पंडित महेश जाट मोहन परमार जगदीश परमार आनंदी लाल राठौर रमेश चंद्र पुष्पद राजेश सोनी प्प्रदुमन परमार रमेश चंद्र गुप्ता गोविंद सेन सहित नगर की आशापुरी मित्र मंडल नरसीन्ह सेवा समिति परायण समिति पर्यावरण समिति बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद नगर की विभिन्न सामाजिक संगठन धार्मिक संगठनों एवं व्यापारिक प्रकोष्ठ राजनितिक दल के सदस्यों द्वारा गांव की बेटी का जोर शोर के साथ सम्मान किया गया इस दौरान सर्वप्रथम बालिका कृतिका परमार ने नरसिंह मंदिर स्थित महंत श्री कौशल किशोर दास जी महाराज का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया तत्पश्चात बालिका का सम्मान यात्रा टेंपो स्टैंड स्थित मां आशापुरी मंच पर पहुंची जहां पर नगर के आशापुरी मित्र मंडल पर्यावरण समिति नरसिंह सेवा समिति सहित नगर की धार्मिक सामाजिक एवं व्यापारी प्रकोष्ठ द्वारा बालिका का जोश और के साथ ढोल धमाके आतिशबाजी पुष्प वर्षा साल श्रीफल एवं साफा पुष्प माला भेट जोरदार सम्मान में स्वागत किया गया इस दौरान कृतिका के पापा अशोक परमार एवं दादाजी सीताराम परमार बेटी के सम्मान में नगर वासियों का उत्साह पूर्ण माहौल को देखकर गदगद हो गए वही गांव की बेटी कृतिका परमार ने बताया कि बचपन से ही मुझे देश की सेवा करने का जज्बा जुनून था मुझे यह प्रेरणा स्कूल के दौरान 26 जनवरी एवं 15 अगस्त राष्ट्रीय पर्व पर मुझे अपना कार्यक्रम आयोजन देने के लिए सबसे पहले प्राथमिकता देशभक्ति कार्यक्रम से जुड़े हर कार्यक्रम में भाग लेती थी उस दोरान मेरे स्कूल की सहेलियों एवं गुरुजनों एवं माता पिता का भरपूर सहयोग मुझे मिला जब से मुझे देश भक्ति का जुनून था वही टीवी पर देश भक्ति फिल्म एवं राष्ट्रीय प्रोग्राम देश भक्ति संगीत सुनना मुझे बेहद पसंद था जब से मैंने ठान लिया था कि मैं भी की वर्दी पहन कर देश की सेवा करूंगी इसके लिए चाहे मुझे कितनी ही मेहनत वह कठिन परिश्रम करना पड़े मैंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई मामा के यहां कक्षा पांचवीं तक की उस के बाद गांव में रहकर गरीबी स्थिति में मैंने अपनी पढ़ाई कक्षा छठी से हाई स्कूल हायर सेकंडरी की पढ़ाई गांव में ही कि उसके बाद सुजालपुर कॉलेज से b s c फाइनल किया इस दौरान देश सेवा करने के लिए मैं अपनी अपनी तैयारी कर रही थी