शाजापुर।( रिपोर्ट - राकेश जाटव ) शहर में रक्षा बंधन का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। भाई बहन के इस खट्टे मीठे स्नेह भरे त्योहार पर बहनों ने भाइयो की कलाई पर रक्षा सूत्र तो बांधा ही सही साथ मे पेड़ लगाकर, पेड़ पौधों को भी रक्षा सूत्र बांध कर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया गया। भारतीय त्योहारों में रक्षाबंधन पर्व भाई बहनों के स्नेह का त्योहार है। बचपन से भाई-बहन साथ में बड़े होते हैं, कई खट्टी मीठी यादों के साथ कभी झगड़ते हैं कभी एक दूसरे का सहयोग करते है, इन्ही प्यार भरी यादों का त्योहार है रक्षाबंधन। बहन की जब शादी हो जाती है और वह राखी के त्यौहार पर फिरसे अपने भाईयों के घर आती है तो वह बचपन से लेकर तो बड़े होने की सभी यादे लेकर आती है। ऐसे में यह त्योहार बड़ा अनोखा बन जाता है इस दिन बहनें भाइयों को विजय का तिलक लगाती है, आरती उतारती है, कलाई पर रक्षा सूत्र बानती हैं, मिठाई खिलाती है, उपहार स्वरूप कुछ भेंट भी देती है। फिर भाई जी बहन को उपहार स्वरूप गिफ्ट देता है या फिर कुछ राशि देता है जिससे वह मनपसंद गिफ्ट खरीद सके। भाई भी बहन को मिठाई खिलाकर उसके पैर पड़ते है रक्षा का वचन देते। यह त्यौहार शाजापुर शहर में सिसनोरिया परिवार के द्वारा अनोखे तरीके से मनाया गया। जहा बहन मीनू सिसनोरिया के द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी तो बांधी गई साथ में गमलों में नए पौधे भी लगाए गए और पौधों को भी रक्षा सूत्र बांधा गया और भाइयों को संकल्पित किया गया कि आप इनकी रक्षा करना। बहन द्वारा बताया गया कि आज हमने रक्षा बंधन का त्योहार मनाया। साथ ही वृक्षारोपण कर पेड़ पौधों को भी रक्षा सूत्र बांधे है और संकल्प लिया कि हम पर्यावरण की सुरक्षा भी करेंगे। वही भाई (पत्रकार) राजेश सिसनोरिया ने बताया कि रक्षा बंधन का यह त्यौहार भाई बहनों की खट्टी मीठी यादों का पर्व है। बहनों ओर अपनो की रक्षा तो संविधान और कानून करता है। हमतो सिर्फ सहयोग मात्र रहते है। हम सबको पर्यावरण के संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए। समय की मांग है कि पर्यावरण संरक्षण अब जरूरी है।
शाजापुर - रक्षा बंधन पर्व पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। शहर के पत्रकार राजेश सिसनोरिया के परिवार ने यह त्यौहार बड़े अनोखे तरीके में मनाया।