अयोध्या: रामजन्मभूमि निर्मोही अखाड़ा

मोदी सरकार की दोबारा सत्ता में वापसी के बाद एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा गरम हो गया है। आज अयोघ्या में साधु संतों की बैठक हुई, बैठक में मध्यस्थता पैनल को लेकर चर्चा हुई साथ ही संतों ने उम्मीद जताई कि मोदी सरकार जल्द भव्य राम मंदिर का निर्माण करेगी।

राममंदिर जल्द बनाने की मांग को लेकर संत समाज एकजुट हुआ। अयोध्या में साधु संतों के साथ साथ वीएचपी के नेता भी एकजुट हुए। सभी ने एक स्वर में जल्द मंदिर निर्माण होने की बात उठाई। मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद राम मंदिर के निर्माण की उम्मीदें तेज हो गई है। राम जन्म भूमि न्यास के सदस्य रामविलास वेदांती ने उम्मीद जताई कि अबकी बार राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए, वेदांती ने कहा कि उन्हें पीएम मोदी के फैसले का इंतजार है।

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा, ‘‘हिंदू संत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राम मंदिर के जल्दी निर्माण पर चर्चा करेंगे ।’’

वहीं बीएचपी ने कहा कि मध्यस्थता पैनल कोई आदेश नहीं दे सकता, जन्म भूमि की अदलाबदली नही हो सकती और मंदिर अयोध्या में ही बनेगा, हालांकि बीएचपी ने ये भी साफ किया कि मंदिर निर्माण के बाद वीएचपी का पुजारी नहीं होगा

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा, ‘‘हिंदू संत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राम मंदिर के जल्दी निर्माण पर चर्चा करेंगे ।’’

साधु संतों की बैठक में राम मंदिर पर बने मध्यस्थता पैनल की भी चर्चा हुई, सभी संतो को अवगत कराया गया. संतों को उम्मीद है कि जल्द भगवान राम मंदिर में विराजमान होंगे

साधु संतों को मोदी सरकार से उम्मीद है| हाल में चुनाव में भी बीजेपी नेताओं ने कहा कि अयोध्या में भव्य मंदिर बनेगा| बीजेपी सत्ता में वापसी कर चुकी है, अब देखने वाली बात है कि मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में रामलला को टेंट से निकालकर मंदिर निर्माण के इंतजार को कब खत्म करा पाती है ....ख़बरों की ख़बर