सिवनी मालवा: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन ने शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को 12 जून 2019 से बढ़ाकर 23 जून 2019 तक किए जाने की मांग की है।
संगठन उपाध्यक्ष श्री राम मोहन रघुवंशी ने बताया कि हाल ही में शिक्षकों ने लोकसभा चुनाव में अपनी जिम्मेदारियां निभाई है, जिससे उनके अवकाश में भी कटौती हुई है। इतना ही नहीं राजस्थान, छत्तीसगढ़ राज्य सरकारों ने भी शिक्षकों के अवकाश की अवधि 23 जून तक बढ़ाई है।
तत्सम्बन्ध में मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन के संभागीय अध्यक्ष राजेश पांडे, जिला अध्यक्ष अरुण रघुवंशी, रामस्वरूप रघुवंशी, दीपक कुमार बिजोरिया, राकेश रघुवंशी, जीवन सिंह रघुवंशी, स्वतंत्र कुमार वर्मा, सुषमा चौबे, राघवेंद्र गौर, भागीरथी योगी, कमलेश शर्मा, रविशंकर श्रीवास, सभी ने मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी से अवकाश में बढ़ोतरी की मांग की गई है।
क्रमोन्नति आदेश भी ठंडे बस्ते में
बता दें कि होशंगाबाद जिले के अधिकांश वरिष्ठ अध्यापक तथा सहायक अध्यापकों को एक ही पद पर 12 वर्ष बीत चुके हैं । विभाग के जिम्मेदारों का इस और बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। जबकि क्रमोन्नति को लेकर प्रस्ताव विधानसभा निर्वाचन 2018 के पहले ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं। इस दिशा में अभी तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि डीईओ ऑफिस ने जानबूझकर मामला ठंडे बस्ते में डाल रखा है।
संगठन उपाध्यक्ष का कहना है कि लोकसभा निर्वाचन 2019 की आदर्श आचार संहिता भी समाप्त हो चुकी है। शीघ्र ही सभी प्रस्ताव पर डीपीसी बैठक बुलाकर अध्यापकों के क्रमोन्नति आदेश जिला शिक्षा अधिकारी से जारी करने की मांग की है
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