भोपाल: आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने शनिवार को हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी के लिए निश्चत रूप से मौजूदा परिणाम आशा अनुरूप नहीं रहे। हम इसके कारणों की समीक्षा आज और कल यानी 15-16 दिसंबर की पॉलिटकल अफेयर कमेटी (पीएसी) की बैठक में करेंगे। उसके बाद 17 दिसंबर को राज्य कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति बनाई जाएगी और जनता से सघन संवाद की तैयारी की जाएगी। साथ ही जोन स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएंगी और नए सिरे से जिम्मेदारियां दी जाएंगी। प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश की नई सरकार से अपेक्षाओं समेत अन्य मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री पंकज सिंह, प्रदेश संगठन सचिव युवराज सिंह, प्रदेश संगठन सचिव हिमांशु कुलश्रेष्ठ, प्रदेश संगठन सचिव डॉ मुकेश जायसवाल, प्रदेश वित्त सचिव मुकेश उपाध्याय आदि मौजूद थे।
भाजपा के खिलाफ दिया निर्णयात्मक वोट
श्री अग्रवाल ने कहा कि इस बार जनता ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ निर्णयात्मक वोट दिया है। इसके कारण अन्य पार्टियों को वोट नहीं मिले हैं। आम आदमी पार्टी पहली बार प्रदेश के चुनावी मैदान में थी, लेकिन बसपा का वोट और सीट भी कम हुई हैं। इसका साफ मतलब है कि जनता ने कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ वोट दिया है। जनता हमें रेस में नहीं देख पाई कि हम सरकार बनाएंगे। इसका कारण है कि आम आदमी पार्टी नई पार्टी है और दूसरे हमारे पास वैसे संसाधनों का अभाव था, जो कांग्रेस-भाजपा ने चुनाव में झौंके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एक बड़ी वजह मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में हमारे संगठन को जिस स्तर तक मजबूत होना था, वह नहीं हो पाया है। उन्होंने जनता के निर्णय का स्वागत करते हुए कांग्रेस को सरकार बनाने की बधाई दी साथ ही 15 साल के लूट और भ्रष्टाचार के कुशासन के अंत को जनता का अच्छा फैसला करार दिया।
कांग्रेस के वचन पत्र को मिला है जनमत, इसमें ढील नहीं होने देंगे
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जो जनमत मिला है वह उसके वचन पत्र को मिला है। इसलिए जब कमलनाथ 17 तारीख को पद संभालेंगे तो बतौर मुख्यमंत्री उन पर वचन पत्र को निभाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इस वचन पत्र में 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी, इसके तहत 26 दिसंबर तक इस संबंध में सरकार को निर्णय लेना होगा। इसके अलावा दूसरा बड़ा मुद्दा बेरोजगारी का है। यह प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी समस्या है। वचन पत्र के मुताबिक कांग्रेस को प्रदेश के युवा बेरोजगारों को 4000 रुपए देने होंगे। साथ ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर त्वरित कार्यवाही करते हुए व्यापमं और ईटेंडर पर ठोस नतीजे सामने लाने होंगे। उन्होंने कहा कि ईटेंडर पर आम आदमी पार्टी के पास भी बहुत सी जानकारी है। इस संबंध में हमारे पास दस्तावेज भी बहुत हैं। सरकार गठन के बाद हम इन्हें सौंपेंगे और जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त मध्य प्रदेश के लिए इन घोटालों पर ठोस कार्यवाही जरूरी है।उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा भी कांग्रेस के वचन पत्र का महत्वपूर्ण बिंदू था। सरकार को इस पर काम करना होगा और वादे के मुताबिक महिलाओं को स्मार्ट फोन देने होंगे।
कमलनाथ पर बिजली को लेकर किया बड़ा हमला
साथ ही एक बड़ा मुद्दा बिजली का है। किसानों की आधी दर पर बिजली उपलब्ध कराने और 100 यूनिट तक 100 रुपए में बिजली देने की बात कही गई थी। हमारा मानना है कि बिजली पर 5 जनवरी 2011 को पांच कंपनियों से गैरकानूनी समझौते किए गए। उस समय नियम था कि खुली निविदा के आधार पर समझौते किए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। साथ ही समझौते पर जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं, वे उस वक्त उस पद पर भी नहीं थे। इस तरह बिजली का यह बड़ा घोटाला है। ये समझौते अगर रद्द कर दिए जाएं, तो बिजली के दाम आसानी से आधे किए जा सकते हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव भी विधानसभा में ला चुकी है। इसलिए अब कांग्रेस को यह पांचों समझौते रद्द करने चाहिए। हालांकि इसमें कमलनाथ जी को थोड़ी दिक्कत होगी क्योंकि इनमें से एक कंपनी एमबी पॉवर उनकी बहन नीता पुरी की है, लेकिन हमें विश्वास है कि जनता के हित में कमलनाथ जी यह त्याग करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी के क्षेत्र छिंदवाड़ा जहां से कांग्रेस आठ सीट जीती है, वहां 2010 में 750 एकड़ जमीन अडानी पावर को दी गई। हमारी मांग है कि नियम के मुताबिक यह जमीन किसानों को वापस दी जाए। क्योंकि नए भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक, पांच साल तक जमीन का कोई इस्तेमाल न होने पर उसे किसानों को वापस करने का नियम है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी संघर्ष से उपजी पार्टी है। हम सदन के अंदर नहीं जा पाए, लेकिन बाहर हम विपक्ष की भूमिका पूरी मजबूती से निभाएंगे और भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिला, किसान, बिजली जैसे मुद्दों पर आंदोलन करते रहेंगे। कांग्रेस के वचन पत्र को जनता ने जनमत दिया है। इस पर किसी भी तरह की ढील हम नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि आगे आम आदमी पार्टी अपने संगठन को और मजबूत करने जा रही है। हम पूरा विश्लेषण करने के बाद बूथ स्तर पर अपना संगठन बनाएंगे। लोकसभा चुनाव के बारे में हम विश्लेषण के बाद निर्णय लेंगे और निकाय चुनाव में पूरी मजबूती से उतरेंगे।
मीडिया सेल
आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश