इटारसी: निजी विद्यालयों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। पालकों की जेब पर डाका डालने वालों के हौसले बुलंद है। प्राइवेट स्कूलों की नित नई कारगुजारीयां उजागर हो रही है ऐसा ही एक और मामला प्रकाश में आया है।

इटारसी में अग्रवाल पब्लिक स्कूल की महिला प्रिंसिपल से फर्ज़ी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाकर बुरी नियत से छेड़छाड़ करने की बात उजागर हो रही है। मामले में स्कूल डायरेक्टर संजय अग्रवाल के भाई संजोग अग्रवाल के खिलाफ नगर थाना इटारसी में देर रात आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर पुलिस थाने पहुंची अग्रवाल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल वर्षा धर्मेंद्र जैन की शिकायत पर थाने में महिला स्टाफ नहीं होने की वजह से फरियादिया की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई थी। सोशल मीडिया की सुर्खियों में आते ही मामले में आला अधिकारियों ने संज्ञान लिया और कार्यवाही के निर्देश हुए । रात्रि 10:30 बजे प्राइवेट स्कूल एसोशिएशन के जिला अध्यक्ष शिव भारद्वाज के साथ थाने पहुंची महिला प्रिंसिपल की शिकायत पर संजोग अग्रवाल के विरुद्ध धारा 354 का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।

बता दें कि खुद के मनचले भाई पर एफआईआर दर्ज होने के बाद स्कूल डायरेक्टर पूरी तरह बौखला गए हैं। सूत्र बताते हैं कि फ़िलहाल फरियादिया पर मामले में समझौते को लेकर दबाव बनाने की बात सामने आ रही है। शनिवार सुबह स्कूल पहुँची प्रिंसिपल को स्कूल डायरेक्टर द्वारा स्कूल के अंदर नहीं आने दिया गया। उल्टा स्कूल गेट पर रोककर काम वाली बाई से हरिजन एक्ट में झूठा फ़साने की धमकियां मिली है।

गौरतलब रहे है कि एक मामले में अग्रवाल पब्लिक स्कूल प्रबंधन को लेकर दशरथ चौधरी की लंबित शिकायत पर हरिजन थाने की जांच फ़िलहाल जारी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बयान दर्ज होने के बाद अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। बल्कि अब तो स्कूल डायरेक्टर प्रिंसिपल को ही हरिजन एक्ट में फ़साने की बात कर रहे हैं।

स्कूल प्रबंधन को लेकर काफी सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिर किन कारणों से महिला प्रिंसिपल को जानबूझकर परेशान किया जा रहा था ?

1. संस्था में विशाखा गाइडलाईन का पालन क्यों नहीं किया गया?

2. कर्तव्य स्थल पर महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं की जिम्मेवारी किसकी?

3. प्रिंसिपल को नियुक्ति पत्र दिया ही नहीं गया आखिर क्यों ?

4. स्कूल से जुड़े आखिर वे कौनसे दस्तावेज थे जिन पर संजोग अग्रवाल जबरन प्रिंसिपल से साइन करवाना चाहता था?

5. आखिर शर्मा मैडम कौन है और केरल की मैडम का इटारसी के अग्रवाल पब्लिक स्कूल से क्या कनेक्शन है ?

6. कहीं स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से दशरथ चौधरी वाले मामले में भेजी गई झूठी जांच रिपोर्ट के बनावटी दस्तावेज तो नहीं ?

7. कहीं राज्य शिक्षा केन्द्र से लेकर अनुसूचित जाति आयोग एवं बाल संरक्षण आयोग तक निजी विद्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी ने मिलजुलकर कूटरचित दस्तावेज तो पेश नहीं कर दिए ?

तमाम सवालों के जवाब अभी आम जनता से लेकर जिला प्रशासन के जिम्मेदारों के सामने आना बाकी है । फ़िलहाल देखना यह है कि महिलाओं के प्रति कपट भाव रखने वाले संजोग अग्रवाल को पुलिस कब तक अपनी गिरफ्त में लेती है।