होशंगाबाद: आये दिन बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के लिए कुछ हद तक तो स्थानीय प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होता है। आलम यह है कि पिपरिया रोड़ स्थित चक्कर रोड़ चौराहे पर भारी मात्रा में सड़क के बीचों बीच रेत,गिट्टियाँ बिखरी पड़ी है जो कि एकतरफा दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। खस्ता हाल चौराहे को लंबे समय से जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। नगरपालिका से लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग का इस और बिलकुल भी ध्यान नहीं है। लगता है किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार हो रहा है तब कहीं जाकर प्रशासन चेतेगा ।

हाल ही में बांद्राभान मेले में लाखों श्रद्धालुओं को इसी सड़क से गुजर कर आना जाना पड़ा। कई दोपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हुए बावजूद इसके भी जिला प्रशासन अपनी आंखों पर अंधत्व का चश्मा चढ़ाये बैठा है। जबकि चौराहे पर सीसी टीवी कैमरे लगे होने के बाद लापरवाही का आलम देखने में आ रहा है। अब सवाल यह उठता है क्या अपराधों को रोकने के लिए ही नगर के चौराहों पर कैमरे लगाए गए हैं? यानी जिम्मदारों को स्थानीय प्रशासन की लापरवाही इन कैमरों में नहीं दिखाई देती ?

स्थानीय लोगों का कहना है चौराहे से दिन रात धड़ल्ले से रेत परिवहन करने वाले भारी भरकम डंफरों की वजह से भी सड़क की यह हालत हुई है। दूसरी और नगरपालिका की अमृत जल योजना के तहद नालियां खोदकर पाईप बिछाने का कार्य किया गया । जिस कंपनी को यह कार्य सौंपा गया उसने सड़कों को खोदकर उन्हें अधूरा छोड़ दिया गया इस कारण भी दुर्घटना जैसी स्थिति निर्मित हुई है।

चौराहे के ठीक सामने समेरिटन्स स्कूल है परंतु सड़क पर उड़ती धूल और रेत की वजह से मासूमों को आये दिन प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यदि समय रहते इस और ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से बिल्कुल भी इंकार नहीं किया जा सकता।