अखिल भारत हिंदू महासभा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी द्वारा राम मंदिर के लिए अध्यादेश,अवसर था और हम पक्षकारों ने 9जुलाई 2017 की बैठक में राम जन्मस्थान बाउंड्रीवाल पर सहमत होकर 4 अगस्त 2017 को PMO से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था।

सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई आरंभ हुई तो,जमीन विवाद कहा गया है। हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग की।मा. न्यायालय ने जनवरी 2019 में सुनवाई की घोषणा करने के पश्चात प्रतिक्षा,श्री पंच रामानंदीय निर्मोही आखाडा जिसे बाबर ने हुकमनामा भेजा और कब्जा न छोडने पर महंत श्यामानंद की हत्या कर मंदिर ध्वस्त किया।14जून1941 नजुल रेकॉर्ड में निर्मोही के महंतों के नाम रजिस्टर्ड है उन्हें मिले इसलिए अखिल भारत हिंदू महासभा की 7 जून 2002 राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित कर 78 वी बार राम मंदिर निर्मोही आखाडा को लौटाने का संकल्प किया।

राम मंदिर पर अध्यादेश एक षडयंत्र गुरुश्री रामानंद जी ने, तीन शाखाओं में सेवा कार्यभार विस्तारित किया है।

1. श्रीराम जन्मभूमि (67:77एकड परिसर) श्री पंच रामानंदीय निर्मोही आखाडा

2. श्री हनुमान गढी श्री पंच रामानंदीय निर्वाणी आखाडा

3. श्री कनक भवन श्री पंच रामानंदीय दिगंबर आखाडा को सौपा है।

6 दिसंबर 1992 निर्मोही आखाडा महंत जगन्नाथ दास जी ने, मंदिर विध्वंस की FIR लिखकर 200 करोड की भरपाई का दावा ठोका है। प्रधानमंत्री निर्मोही आखाडा के सरपंच श्री से मिले थे। उनके बाद विहिंप के पदाधिकारी कोकजे एवं चंपत राय भी मिले है। वह चाहते है, निर्मोही आखाडा-हिंदू महासभा अपना अधिपत्य-दावा श्री राम जन्मस्थान से छोड दे !

यह मांग करना गोस्वामी तुलसीदास जी, समर्थ रामदास, रविदास, बन्दा बैरागी, कबीरदास, संत ज्ञानेश्वर जी के पिता विट्ठलपंत की परंपरा का रावण मानसिकता से अपहार ! आखाडे को ही नही, सभी पक्षकार सुप्रीम कोर्ट से न्याय की अपेक्षा कर रहे है।ऐसे में, फर्जी न्यासियों को सुप्रीम कोर्ट ने बाहर किया है। न्यायालय संरक्षित,200 गज राम मंदिर परिसर में गैरहिन्दू प्रतिबंधित होते हुए उसे कलंक लगाकर राजनीतिक-आर्थिक लाभ उठानेवाले केवल राजनीतिक कब्जे के लिए, संतो-धर्माचार्यों की आड लेकर अधर्म संसद का हिंदूद्रोही परिचय देने जा रहे है।

यह पवित्र भूमी हडपने के जितने षडयंत्र हुए उससे रावण भी लज्जित हो जाए। बुतशिकन, संरक्षित मंदिर ध्वंसियों की मंशा अधर्मी है इसलिए सुप्रीम कोर्ट के जलद निर्णय की प्रतिक्षामें,पक्षकार !

राष्ट्रीय प्रवक्ता

प्रमोद पंडित जोशी

अखिल भारत हिन्दू महसभा