चुनाव में पुलिस कितनी व्यस्त है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आशी अपहरण मामले को चार दिन बीत चुके है, और पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं । जनता रोष में है वही आगामी चुनाव के मद्दे नजर होते हुए भी राजनैतिक पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी सम्वेदन शीलता नही दर्शा रही है।
सभी राजनैतिक पार्टियां अपने चुनाव प्रचार प्रसार में इतनी व्यस्त है कि आशी अपहरण कांड का पता तक नही है इन राजनैतिक पार्टियों को। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जनता आखिर वोट क्यों देती है इन नेताओं को ? कोई भी नेता आशी अपहरण कांड पर कोई भी कार्यवाही करने के मूड में नही है तब आखिर जनता इन नेताओं को वोट क्यों दे? पिपरिया के सभी राजनैतिक पार्टियों के नेता अपने चुनाव में इतना व्यस्त है कि वो ये भी भूल गए कि जनता अपनी परेशानियों का समाधान करने के लिए नेताओं को वोट देती है, न कि अपनी परेशानियां बढ़ाने के लिए। इससे जनता में बेहद आक्रोश है।
इसी क्रम में आज चौरसिया समाज के महिला पुरुषों ने पिपरिया मुख्य चौराहे पर थाने के सामने चक्का जाम किया। वही होशंगावाद SP द्वारा बच्ची व आरोपी का पता बताने वाले को दस हजार का इनाम घोषित किया।