रायसेन : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सॉंची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के अकादमिक परिसर ग्राम बारला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को लक्ष्य कर सत्य के प्रयोग एवं उसके विविध आयाम विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये सॉंची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. यज्ञेश्वर एस शास्त्री ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गांधी दर्शन में सत्य को साध्य और अहिंसा को साधन बताया। गांधी जी के विचारों से न केवल भारत को अपितु विश्व को सत्याग्रह के रूप में एक महत्वपूर्ण साधन दिया है। चरखा के माध्यम से भारतीय जनमानस को स्वावलम्बन बनाने की दृष्टि गॉंधी जी के मौलिक विचार थे।

          कार्यक्रम में अधिष्ठता डॉ. नवीन कुमार मेहता ने गॉंधी जी के विचारों को जनसामान्य के लिए उपयोगी और आत्मसात करने वाला बताया। विश्वविद्यालय के वैकल्पिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रभाकर पाण्डेय ने गॉंधी जी को आध्यात्म में वैज्ञानिकता के साथ जोडने के कारण आध्यात्मिक वैज्ञानिक कहा। वहीं दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन दीक्षित ने गॉंधी दर्शन में शाकाहर के महत्व को स्पष्ट किया। गॉंधी जी के विचारों को व्यवहारिक जीवन में उतारने के संदेश के साथ कुलपति प्रो. यज्ञेश्वर एस शास्त्री के नेतृत्व में अकादमिक परिसर ग्राम बारला में स्वच्छता एवं श्रमदान का कार्यक्रम भी किया गया। इस मौके पर प्रो शास्त्री ने आस पास की स्वच्छता के साथ ही आचरण, व्यक्तित्व एवं कर्म की शुचिता बनाए रखने की आवश्यकता जताई।  इस पूरे कार्यक्रम के संयोजक बौद्ध दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया।