नई दिल्ली : साल 2014 में देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी कांग्रेस को मिली करारी हार से उबारने की जिम्मेदारी अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कंधों पर है l इसके लिए राहुल नए सिरे से रणनीति तैयार कर रहे हैं, लेकिन 2014 की हार की तीस उनको आज भी याद है l इसीलिए भविष्य की रणनीति बनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में राहुल हर बार 2014 की हार क्यों हुई ये सवाल उठाना नहीं भूलते l 

             दरअसल, 2019 के लिए क्या मुद्दे, क्या नारे और क्या रोडमैप लेकर जाएं, इसके लिए राहुल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं. लेकिन बैठकों में जब-जब वरिष्ठ नेताओं ने अपनी राय दी, तो राहुल ने दो-टूक कहा कि, आप लोग अपनी पसंद या अपनी राय मत बताइए, जनता क्या पसंद कर रही है, क्या चाहती है, वो बताइये. वरना ये बताइए कि 2014 में बुरी तरह क्यों हारे?

            इसके बाद ही तय हुआ कि, पार्टी के नेता अब टाउन हॉल, विश्वविद्यालयों, पंचायतों, वगैरह में जाकर युवाओं, किसानों और आम जनता से छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर चर्चा करेंगे l इसके बाद जनता की पसंद और राय के मद्देनजर ही पार्टी की रणनीति, नारे और रोडमैप तैयार करेंगे l