जबलपुर : जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर छवि भारद्वाज ने मास्टर ट्रेनर्स को चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा है कि इस बार के आम चुनाव में मास्टर ट्रेनर्स का काम सबसे ज्यादा जिम्मेदारी भरा है। मास्टर ट्रेनर्स जितने प्रभावी तरीके से मतदान दलों के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे उसी पर काफी हद तक चुनाव की सफलता निर्भर है।श्रीमती भारद्वाज आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण को संबोधित कर रही थीं।
कलेक्टर ने मास्टर ट्रेनर्स से कहा है कि मतदान दलों को प्रशिक्षण देते समय उन्हें ईव्हीएम एवं वीवीपेट मशीन के हर तकनीकी एवं सैद्धांतिक पहलु पर खास ध्यान देना होगा। उन्होंने मास्टर्स ट्रेनर्स को मतदान दलों को प्रशिक्षण देने के पूर्व भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान की प्रक्रिया के बारे में जारी दिशा-निर्देशों का गहराई से अध्ययन करने के निर्देश दिये। श्रीमती भारद्वाज ने मतदान दलों में नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि चार चरणों में आयोजित इस प्रशिक्षण में एक चरण केवल वीवीपेट मशीन पर ही केन्द्रित होगा और इसमें मतदान दल में शामिल प्रत्येक कर्मचारी-अधिकारी को वीवीपेट की कार्यप्रणाली के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी जायेगी। ताकि पहली बार आम चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली इन मशीनों को लेकर उनके मन में कोई शंका न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स को मतदान दलों को प्रशिक्षण देते समय उन्हें अपने दायित्वों के प्रति पूरी गंभीरता बरतनी होगी। उन्होंने चेतावनी भी दी कि मतदान के दौरान मतदान कर्मियों द्वारा की गई गलतियों के लिए संबंधित मास्टर ट्रेनर्स को भी जिम्मेदार माना जायेगा। कलेक्टर ने बताया कि मतदान दलों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्रशिक्षण के हर बिन्दुओं को शामिल करते हुए एक चेकलिस्ट भी इन्हें सौंपी जायेगी। ताकि कोई भी महत्वपूर्ण तथ्य मतदान दलों के प्रशिक्षण से न छूट पायें। उन्होंने बताया कि इसी तरह की एक चेकलिस्ट मतदान दलों में नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों को भी दी जायेगी ताकि मतदान कराते समय उन्हें किसी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक दिव्यांग मित्र को नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर बिना कतार में लगे मतदान करने की सुविधा दी जायेगी। इसी तरह बुजुर्ग मतदाता तथा गर्भवती महिला मतदाताओं को भी मतदान के लिए कतार में नहीं लगना होगा।
प्रशिक्षण में भोपाल से आये राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा मतदान की प्रक्रिया तथा ईव्हीएम एवं वीवीपेट मशीन के हर पहलुओं की बारीकी से मास्टर ट्रेनर्स को जानकारी दी गई। दो सत्रों में आयोजित इस प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग, उप संचालक कृषि एस.के. निगम एवं मास्टर ट्रेनर्स के रूप में नियुक्त सभी 93 अधिकारी मौजूद थे।