बैतूल :  महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सम्पूर्ण समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से 19 सितंबर बुधवार को मीडिया कार्यशाला एवं धर्मगुरू सम्मेलन आयोजित किया गया। 

         जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुमन कुमार पिल्लई ने कार्यशाला में बताया कि पोषण अभियान को जन आंदोलन के रूप में स्थापित करने हेतु जन जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 0 से 5 वर्ष के बच्चों का कुपोषण एवं रक्ताल्पता से बचाव किया जाए। जन्म के समय कम वजन के बच्चों की संख्या में कमी लाई जाए। किशोरी बालिकाओं एवं 15 से 49 वर्ष की युवतियों में रक्ताल्पता से बचाव किया जाए। साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का रक्ताल्पता से बचाव हेतु सहयोग किया जाए। इस हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग ने सम्पूर्ण समाज में पोषण के प्रति जागरूकता लाने घर-घर पोषण का त्यौहार का नारा दिया है ताकि पोषण जागरूकता जन-जन का आंदोलन बनकर समाज में स्थापित हो तथा कुपोषण के समूल उन्मूलन हेतु समाज संकल्पित हो।

        उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत घर में बनने वाले भोजन को ज्यादा पौष्टिक बनाना एवं स्वच्छ पेयजल का उपयोग करना, गर्भवती महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को रक्ताल्पता से बचाना, विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां लेने व भोजन में ताजे फल व सब्जियों को शामिल करना, शक्कर के स्थान पर गुड़ को बढ़ावा देना, कृमि नाशक गोलियों के प्रयोग को बढ़ावा देना ताकि कुपोषण से बचाव हो सके। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद् की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी सहित महिला एवं बाल विकास के अधिकारी उपस्थित रहे।