जबलपुर : इस बार के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार अपनी चुनावी सभाओं, रैलियों, जुलूस, वाहनों, लाउडस्पीकर आदि की अनुमति के लिए संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सुविधा नाम का पोर्टल प्रारंभ किया गया है।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आज आयोजित बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को विभिन्न अनुमतियों के लिए इस पोर्टल पर आवेदन करने के तरीके बताये गये। इस मौके पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी नम:शिवाय अरजरिया ने बताया कि पोर्टल पर जुलूस, सभा, रैली, लाउडस्पीकर और वाहनों की अनुमति प्राप्त करने के लिए भरे जाने वाले आवेदन में उम्मीदवारों, राजनैतिक दलों अथवा उम्मीदवारों के अभिकर्ताओं को सभी वांछित दस्तावेज स्केन कर पीडीएफ फार्मेट में अपलोड भी करना होगा।
अरजरिया ने बताया कि अनुमति के ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का निराकरण चौबीस घंटे के भीतर किया जायेगा। अनुमतियाँ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जायेगी। उन्होंने बैठक में मौजूद राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को समय की बचत के लिए अनुमतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा का इसतेमाल करने की सलाह भी दी।
बैठक में राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रारंभ किये गये सी-विजिल मोबाइल एप के बारे में भी जानकारी दी गई। राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को बताया गया कि इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। फिलहाल यह एप बीटा वर्जन पर उपलब्ध है अर्थात टेस्टिंग मोड पर है। चुनाव की तिथियां घोषित होने तक यह वास्तविक रूप से काम करने लगेगा।
सी-विजिल एप के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बैठक में बताया गया कि इस एप को मोबाइल या लेपटॉप पर डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप का इस्तेमाल करने के लिए शिकायतकर्ता के मोबाइल या लेपटॉप पर जीपीएस चालू होना आवश्यक है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की ऑनलाइन शिकायतें इस एप के माध्यम से ही फोटो या वीडियो केप्चर कर की जा सकती है। इसके साथ ही जिस मोबाइल से फोटो या वीडियो केप्चर किये गये हैं शिकायत केवल उसी से की जा सकेगी। किसी दूसरे मोबाइल या कैमरे की फोटो या वीडियो इस एप पर अपलोड नहीं होगी। फोटो या वीडियो के साथ शिकायतकर्ता संक्षिप्त में प्रकरण के बारे में जानकारी भी दे सकता है।
मोबाइल पर जीपीएस चालू होने के कारण शिकायतकर्ता जैसे ही अपनी शिकायत एप पर अपलोड करेगा वो स्थल की लोकेशन सहित तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय के पास पहुंच जायेगी। जिला निर्वाचन कार्यालय में शिकायतों की मॉनीटरिंग के लिए बैठी विशेष टीम फोटो या वीडियो की लोकेशन के आधार पर संबंधित क्षेत्र की फ्लाइंग स्क्वाड टीम को मौके पर पहुंचने के निर्देश देगी। फ्लाइंग स्क्वाड दल भी मौके पर पहुंचकर वीडियो बनायेगा और सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय को रिपोर्ट करेगा।
सी-विजिल एप की खास विशेषता यह होगी कि इसके माध्यम से कोई भी नागरिक चुनावों के दौरान आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की शिकायत इसके माध्यम से कर सकता है। शिकायतकर्ता को यह सावधानी बरतनी होगी कि मोबाइल से फोटो या वीडियो केप्चर करने के पांच मिनट के भीतर ही उसे अपनी शिकायत भेजनी होगी। जिला निर्वाचन कार्यालय को भी शिकायत मिलते ही उस पर तुरंत एक्शन लेना होगा। उसे संबंधित क्षेत्र की फ्लाइंग स्क्वाड टीम को पांच मिनट के भीतर हस्तांतरित करना होगा और जाँच के लिए भेजना होगा। फ्लाइंग स्क्वाड टीम के लिए सौ मिनट के भीतर शिकायत का कम्प्लायंस देना जरूरी होगा अन्यथा ये शिकायत सीधे निर्वाचन आयोग को स्वत: ट्रांसफर हो जायेगी। आयोग द्वारा समय पर शिकायत पर कार्यवाही न करने के लिए संबंधित फ्लाइंग स्क्वाड टीम से स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है।
बैठक में राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के समक्ष सुविधा पोर्टल और सी-विजिल के बारे में ई-गवर्नेंस समिति के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने प्रजेन्टेशन भी दिया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, संयुक्त कलेक्टर दिव्या अवस्थी, संयुक्त संचालक पेंशन डॉ. आर.के. मिश्रा, संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा बी.एन.एस. ठाकुर तथा राजनैतिक दलों की ओर से राधेश्याम चौबे, लक्ष्मण गुप्ता, रामजी अग्रवाल, राजेश जायसवाल, मुस्तफा अंसारी, शब्बीर मंसूरी आदि मौजूद थे।