होशंगाबाद : आयुष्मान भारत योजना के जिला स्तरीय क्रियान्वयन के लिये गठित की गई जिला क्रियान्वयन इकाई की बैठक कलेक्ट्रेट के रेवा सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर प्रियंका दास ने आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन के लिये की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जहां एक ओर मरीज को मुफ्त में इलाज मिलेगा वहीं दूसरी ओर अस्पताल एवं डॉक्टर्स को इंसेंटिव राशि मिलेगी। इसलिये हमें यह प्रयास करना है कि हम इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित कर पाए। बताया गया कि जिला अस्पताल में 10 सितंबर से ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना प्रारंभ की जा चुकी है। आधिकारिक रूप से योजना 25 सितंबर को लांच की जाएगी।

             आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन के लिये जिला अस्पताल के एम्पैनलमेंट का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। डॉक्टर्स एवं कर्मचारियों को इस संबंध में प्रशिक्षित भी किया गया है। इच्छुक निजी चिकित्सालयों के वेरिफिकेशन की रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। प्रारंभ में यह योजना जिला अस्पताल के अलावा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल इटारसी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया में लागू की जाएगी। शीघ्र ही जिले के अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों एवं इच्छुक निजी चिकित्सालयों को योजना से जोडा जाएगा। कलेक्टर प्रियंका दास ने जिला अस्पताल में योजना के अंतर्गत प्रदान किये जाने वाले विभिन्न उपचारों की जानकारी ली। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर डेहरिया ने बताया कि कुल 307 उपचार की प्रक्रियाएं ऐसी हैं जिनका लाभ देने के लिये जिला अस्पताल को अधिकृत किया गया है। इनमे सिजेरियन डिलेवरी, मोतियाबिन्द, विभिन्न प्रकार की सर्जरी इत्यादि शामिल है। कलेक्टर ने कहा कि जिन प्रक्रियाओं को प्रशिक्षण अथवा उपकरणों की कमीं के कारण जिला अस्पताल में नहीं किया जा सकता उनके लिये आवश्यक व्यवस्थाएं करें। आवश्यक उपकरण प्राप्त करने के लिये शासन स्तर पर डिमांड भेजे। जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है उन्हें प्रशिक्षण के लिये भेजे।

           बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के पोर्टल पर मरीज को दिये जा रहे उपचार की संपूर्ण जानकारी अपलोड करनी होगी। सभी डॉक्टर्स यह सुनिश्चित करें कि वे मरीज को दी जाने वाली दवाईयां साफ अक्षरों में लिखे ताकि कंप्यूटर ऑपरेटर्स को उसे अपलोड करने में परेशानी न हो। मरीजों की केस शीट्स भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यदि कोई डॉक्टर इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके द्वारा देखें जा रहे मरीजों की जानकारी अपलोड कराने की जिम्मेदारी उसकी स्वयं की होगी। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 1 लाख 286 परिवार तथा शहरी क्षेत्र में 29 हजार 378 परिवार चिन्हित हैं। पात्र हितग्राही इलाज के लिये आते समय अपना समग्र आईडी तथा पहचान पत्र लेकर आएंगे जिसके माध्यम से पोर्टल पर उनकी जानकारी अपलोड की जा सकेगी। पोर्टल पर समस्त जानकारी अपलोड करने के बाद एक रसीद जनरेट होगी जो सिल्वर कार्ड कहलाएगी। मरीज के भर्ती होने पर उसे प्रतिदिन दिये जा रहे उपचार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। 

         बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पीके चतुर्वेदी, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर डेहरिया, डीएचओ डॉ. सुनीता कामले, डीएचओ डॉ. नलिनी गौड, सभी बीएमओ तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।