सीहोर : प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत आवास निर्माण हेतु द्वितिय किस्त की राशि प्राप्त करने के बाद भी आवास निर्माण नहीं कर रहे। ग्राम पंचायंत आमाझिर के ग्राम डाकपुलिया निवासी मांगीलाल और हितग्राही चरनसिंह उस समय भौंचक्के रह गए जब स्वयं कलेक्टर तरूण पिथोड़े उनके निर्माणाधीन आवासों में श्रमदान करने पहुंच गये।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरूण कुमार विश्वकर्मा, अनुविभागीय अधिकारी वरूण अवस्थी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दिलीप जैन, तहसीलदार सुधीर कुशवाह, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा यू एन रामटेके, कार्यपालन यंत्री पीडब्लयु.डी सतीश शर्मा तथा प्रधान मंत्री आवास योजना के ब्लाक समन्वयक ओम पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्राम वासी उनका साथ देने उपस्थित थे।
प्रधान मंत्री आवास योजना एक लक्ष्य आधारित योजना है और जो जिले अपने लक्ष्य अनुसार आवास तय समय सीमा में पूर्ण कर लेतें हैं उन जिलों को उसी वित्तिय वर्ष में अतिरिक्त आवास निर्माण का का नया लक्ष्य मिल जाता है। योजना में आवास स्वीकृत होने के बाद हितग्राही को एक तय समय सीमा में आवास निर्माण करना होता है परंतु कई हितग्राही कई बार शासकीय राशि का उपयोग अन्य कार्यो मे कर लेते हैं जिस कारण आवास अधूरा रह जाता हैं ऐसे हितग्राहियों आवास निर्माण न कर अपना स्वयं का तो नुक्सान करते ही हैं अपितु उन हितग्राहियों का भी नुक्सान करते हैं जिन्है जिले का लक्ष्य पूर्ण होने पर अतिरिक्त लक्ष्य मे से आवास स्वीकृत हो सकता था। अतः ऐसे हितग्राहियों को समझाइश देने कलेक्टर श्री पिथोड़े ने यह अनोखा तरीका अपनाया। मौके पर उपस्थित शासकीय अमले और ग्राम वासियों के सहयोग से मांगीलाल और चरनसिंह के आवासों की 3-4 फिट दीवाल का निर्माण किया गया।
कलेक्टर पिथोडे ने मौके पर एक़ि़त्रत आवास योजना के हितग्राहियों से अपील की कि वह इसी प्रकार एक दूसरे की मदद से अपने आवासों का निर्माण करें ताकि अन्य पात्र हितग्राहि जो योजना का लाभ लेने से वंचित रह गये है उनको भी आवास निर्माण की स्वीकृति जल्द से जल्द मिल सके।