जबलपुर : कलेक्टर छवि भारद्वाज ने संबल योजना से सम्बन्धित अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में योजना के क्रियान्वयन के सिलसिले में अगंभीर रवैया जारी रखना उन्हें महंगा पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरत रहे जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर आज यहां आयोजित बैठक में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संबल योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहीं थीं। उन्होंने जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों के रजिस्ट्रेशन और सत्यापन के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए जनपद सिहोरा व पनागर में अपेक्षित संख्या में रजिस्ट्रेशन न होने तथा सत्यापन का प्रतिशत काफी कम होने को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त की। श्रीमती भारद्वाज ने ताकीद की कि 9 सितम्बर तक हर हाल में सभी जनपदों में 15 फीसदी से अधिक रजिस्ट्रेशन होने चाहिए। इसी प्रकार सत्यापन कार्य की गति में भी तत्काल तेजी लाई जाए। कैण्ट क्षेत्र में भी रजिस्ट्रेशन की कम संख्या को लेकर कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त की।
कलेक्टर ने अब तक हुए रजिस्ट्रेशन के सभी प्रकरणों के आवेदन अपलोड किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदन और सम्बन्धित प्रपत्रों को पोर्टल पर अपलोड कराने की दिशा में फौरन पहल की जाए जिससे पूरी तस्वीर साफ हो और आम लोग भी इसका अवलोकन कर सकें। श्रीमती भारद्वाज ने योजनान्तर्गत अंत्येष्टि सहायता की जनपदवार समीक्षा करने के साथ-साथ नगरीय क्षेत्रों की भी विस्तार से समीक्षा की। कुछ जनपदों में तुलनात्मक रूप से कम हितग्राहियों को अंत्येष्टि सहायता दी जाने को लेकर कलेक्टर ने ऐतराज जताया। उन्होंने खास तौर पर इस संदर्भ में सिहोरा व पाटन जनपदों में चल रहे काम की धीमी गति को निराशाजनक निरूपित किया। नगरीय निकायों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सीएमओ शहपुरा व कटंगी से न्यूनतम उपलब्धि को लेकर जवाब तलब किया। उन्होंने निगम के अधिकारियों को भी इस बारे में गंभीरता से प्रयास करने को कहा।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता प्रदान किए जाने के सिलसिले में जनपदवार तथा नगरीय निकायवार समीक्षा की। उन्होंने अंत्येष्टि व अनुग्रह सहायता के परिप्रेक्ष्य में नवीन प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सभी सम्बन्धित अधिकारियों को इन प्रावधानों के तहत पात्र हितग्राहियों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। कैण्ट बोर्ड से आए अधिकारी द्वारा अब तक एक भी अंत्येष्टि या अनुग्रह सहायता प्रदान नहीं किए जाने का उल्लेख किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने आयुक्त नगर निगम चन्द्रमौलि शुक्ला को निर्देश दिए कि वे एक अप्रैल से अब तक के मृत्यु प्रमाण-पत्र लेकर जरूरी जांच करवाएं। श्रीमती भारद्वाज ने अपर आयुक्त रोहित सिंह कौशल और परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण दिनेश त्रिपाठी को स्थिति की पड़ताल करने और 8 सितम्बर को सुबह अपनी रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी।
बैठक के दौरान श्रीमती भारद्वाज ने स्मार्ट कार्ड की प्रिंटिंग और वितरण को लेकर अधिकारियों द्वारा बरती जा रही उदासीनता को लेकर असंतोष व्यक्त किया। आयुक्त नगर निगम और अपर आयुक्त को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे 10 सितम्बर की सुबह तक 55 हजार कार्ड तैयार कराएं। बैठक में संबल सहयोगियों के सम्बन्ध में भी अधिकारियों से जानकारी तलब की गई। कलेक्टर ने विभिन्न वार्डों में संबल सहयोगी समितियों व निगरानी समितियों के गठन की बाबत् अधिकारियों से विस्तार से ब्यौरा हासिल किया और दो दिन के भीतर समितियों के गठन की कार्यवाही पूरी करने की ताकीद की।
संबल योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के लिए अंत्येष्टि सहायता व अनुग्रह सहायता मुहैया कराने को लेकर कलेक्टर ने सहायक श्रमायुक्त जे.एस.उद्दे को आवश्यकतानुसार शासन स्तर से राशि प्राप्त करने के लिए डिमाण्ड भेजने के निर्देश दिए ताकि जिले की ग्राम पंचायतों व नगरीय निकायों को आवश्यक राशि उपलब्ध हो सके। श्रीमती भारद्वाज ने सीएमएचओ डॉ मुरली अग्रवाल को योजनान्तर्गत प्रसव पूर्व जांच की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एल्गिन हॉस्पिटल में इस सम्बन्ध में अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई और निर्देशित किया कि लम्बित भुगतान 9 सितम्बर तक करा दिए जाएं। साथ ही प्रसव उपरान्त देय लाभ हितग्राही को प्राप्त होना सुनिश्चित करने के लिए भी सीएमएचओ को एल्गिन हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज से प्रतिदिन ब्यौरा हासिल कर शाम को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने संबल योजना के क्रियान्वयन में शिक्षा विभाग की परफॉर्मेंस को दयनीय बताया। उन्होंने श्रमिकों के बच्चों के स्कूलों में दाखिले के आंकड़े तलब किए और प्रस्तुत की गई जानकारी को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में शीघ्र ही शिक्षण संस्थाओं की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत हर्षिका सिंह, आयुक्त नगर निगम चन्द्रमौलि शुक्ला तथा सहायक श्रमायुक्त जे.एस.उद्दे एवं समस्त जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।
जबलपुर : संबल योजना के प्रति अगंभीर रवैया महंगा पड़ेगा – कलेक्टर