नरसिंहपुर : गरीब तबके के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना लागू की जा रही है। इस योजना की शुरूआत 25 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भोपाल में किया जाना प्रस्तावित है। आयुष्मान भारत योजना के पायलट प्रोजेक्ट में नरसिंहपुर जिला को भी शामिल किया गया है। आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू की गई स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना में पात्र परिवार के सदस्यों को अस्पताल में इलाज कराने का खर्च नहीं देना होगा। ये परिवार 5 लाख रूपये तक का इलाज प्रति वर्ष मुफ्त में करा सकेंगे। यह जानकारी कलेक्टर अभय वर्मा की अध्यक्षता में जिला अस्पताल के प्रशिक्षण केन्द्र में सम्पन्न इस योजना की जिला क्रियान्वयन इकाई की बैठक में दी गई।

            बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना देश की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे बड़ी आबादी लाभांवित होगी। इस योजना में गरीब और जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने लगेगी। उन्होंने निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत योजना का मिलजुलकर बेहतर समन्वय से जिले में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिये। उन्होंने शतप्रतिशत रजिस्ट्रेशन शीघ्रता से पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने डाक्यूमेंटेंशन सही तरीके से करने की बात कही।
          आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले हर परिवार का 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा। इस बीमा कवर से छोटे और बड़े सभी तरह के अस्पतालों में इलाज कराया जा सकेगा। परिवार चाहे जितना बड़ा हो, उसके हर सदस्य को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत लाभ मिलेगा। इस योजना में उम्र की कोई सीमा नहीं है। अस्पताल में भर्ती होने के पहले के स्वास्थ्य संबंधी खर्चे और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चे भी इसमें शामिल होंगे। पॉलिसी लेने के पहले दिन से ही ये सारी सुविधायें मिलने लगेंगी। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आने- जाने का भत्ता/ निर्धारित दर पर परिवहन भत्ता भी दिया जायेगा।
         आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के किसी भी हिस्से में इलाज कराया जा सकेगा। सारा इलाज कैशलेस व पेपरलेस होगा, ताकि अस्पताल निर्धारित दरों से अधिक राशि नहीं वसूल सकें। आयुष्मान भारत योजना गरीब तबके के लिए है। गरीबों और वंचित लोगों की पहचान के लिए सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना एसईसीसी- 2011 में चिन्हित व्यक्तियों को मानक बनाया गया है। साथ ही मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में शामिल सभी परिवारों और मुख्यमंत्री जनकल्याण- संबल योजना के पंजीकृत असंगठित मजदूरों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
       आयुष्मान भारत योजना में इलाज पर अस्पताल मनमाने तरीके से वसूली नहीं कर सकें और लागत नियंत्रण रखा जा सके, इसके लिए इलाज संबंधी पैकेज रेट तय किये गये हैं। ये पैकेज रेट सरकार ने पहले ही तय कर लिये हैं। रेट में इलाज संबंधी सभी तरह के दवाई, जांच, परिवहन, इलाज के पहले और इलाज के बाद के खर्चे शामिल होंगे। इस योजना में सरकारी के साथ निजी अस्पताल भी पैनल में होंगे। प्रदेश में स्थित सभी सरकारी अस्पताल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा के पैनल में शामिल किये जायेंगे। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के भी सभी अस्पताल इस योजना के पैनल में रहेंगे। प्राइवेट अस्पतालों को कुछ निर्धारित मानकों को पूरा करने पर इस योजना के पैनल में शामिल किया जायेगा। पैनलाइजेशन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन जारी है।
       योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी एबी- एनएचपीएमए को दिया गया है। मध्यप्रदेश में इस योजना को संचालित करने के लिए दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद का गठन स्टेट हेल्थ एजेंसी- एसएचए के तौर पर किया गया है। योजना के जिला स्तर पर सुचारू क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला क्रियान्वयन इकाई का गठन किया गया है। इसके नोडल अधिकारी जिला मलेरिया अधिकारी बनाये गये हैं। जिला मेडिकल बोर्ड 2 लाख रूपये तक के पैकेज के लिए अधिकृत होगा।
       बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया, सिविल सर्जन डॉ. विजय मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी एवं नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना डॉ. विजय तुरकर ने आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सुनील कोठारी, डॉ. एआर मरावी, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी अरूण प्रताप सिंह निरंजन, अन्य चिकित्सक और अधिकारी मौजूद थे।
रोगी कल्याण समिति में लिये गये फैसलों की जानी प्रगति
       बैठक में जिला अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की पिछली बैठक में लिये गये फैसलों की प्रगति की कलेक्टर अभय वर्मा ने जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने अस्पताल में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए फीडर सेपरेशन, साफ-सफाई, शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था आदि से संबंधित प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली।