नरसिंहपुर : आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2018 के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभय वर्मा ने सेक्टर अधिकारियों और निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारियों की बैठक रविवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ली।
बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की फोटो मतदाता सूचियों के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए प्रदेश के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए दावों एवं आपत्तियों को प्रस्तुत करने के लिए अंतिम तिथि को 7 सितम्बर 2018 तक बढ़ा दिया है। फोटो मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन, निरसन- हटाने के लिए अब 7 सितम्बर तक दावे- आपत्ति की जा सकेगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिये कि फोटो मतदाता सूची शुद्धतम तैयार हो। इसके लिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम शामिल होने से नहीं छूटे और अपात्र मतदाता का नाम हटाया जावे। ईपी एवं जेंडर रेशियो में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाये जावें। ईपी रेशियो में आबादी के लिहाज से मतदाता का प्रतिशत न्यूनतम 65 होना चाहिये। जेंडर रेशियो में पुरूष और महिला मतदाताओं की संख्या समान होनी चाहिये। सभी नि:शक्त मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हों। सभी पात्र महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिये। संबंधित क्षेत्र में विवाह होने पर यदि कोई महिला आई है, तो उसका नाम मतदाता सूची में जरूर जुड़वायें। इसके लिए फार्म- 6 में आवेदन के साथ केवल आधार कार्ड की फोटोकापी और दो फोटो देना पर्याप्त हैं। जिन व्यक्तियों की आयु एक जनवरी 2018 को 18 वर्ष हो चुकी है, उन नये मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किये जाने पर विशेष फोकस करें।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि 15 सितम्बर तक की अवधि के दौरान मतदान केन्द्रों पर ईवीएम/ वीवीपेट मशीन का प्रदर्शन करायें। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर वीवीपेट मशीन का प्रदर्शन कराया जाना है। इस संबंध में निर्धारित प्रोटोकाल का पालन हो। हर मतदान केन्द्र पर कम से कम 50 वोट जरूर डलवाये जावें। इसके लिए मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाई जावे। मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करें। समझाइश दें, मॉकपोल करायें। लोगों को वीवीपेट से वोट देने का तरीका बताया जावे। इस बारे में मतदाता की जिज्ञासा का समाधान किया जावे। एक मतदान केन्द्र पर 4 घंटे वीवीपेट का प्रदर्शन किया जावे। इसके लिए कार्यक्रम तय करें। पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले सेक्टर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अनुपस्थित सेक्टर अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश बैठक में दिये गये।
कलेक्टर ने कहा कि सेक्टर अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक मतदान केन्द्र पर आयोग के निर्देशानुसार निर्धारित मूलभूत सुविधायें रहें। मतदान केन्द्र में दो दरवाजे, खिड़कियां, निर्धारित मापदंड का रैम्प, बिजली फिटिंग, पीने के पानी, महिला- पुरूष टायलेट, छाया, फर्नीचर आदि की व्यवस्था रहना चाहिये। मतदान केन्द्रों के पहुंच मार्ग की स्थिति का भी आंकलन कर लें। मतदान केन्द्र के भवन की स्थिति अच्छी होनी चाहिये एवं कक्ष 20 वर्ग मीटर का हो। पहुंच मार्ग सुगम हो। मोबाइल कनेक्टीविटी देखें। भ्रमण के दौरान संवेदनशील, बल्नरेबिल, क्रिटिकल मतदान केन्द्रों की पहचान कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस संबंध में स्थानीय लोगों से चर्चा करें। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर व्हीलचेयर व फस्र्ट एड बॉक्स की व्यवस्था रहे।
कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन आयोग का मोटो है सरल प्रक्रिया, सुगम मतदान, इसके अनुसार मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं के लिए आदर्श मतदान केन्द्र की सभी आवश्यक व्यवस्थायें रहना चाहिये। मतदाताओं को लाइन में नहीं लगना पड़े, इसके लिए टोकन दिये जायेंगे और उनकी बैठने की व्यवस्था रहे, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किये जावें। मतदाताओं से फीडबैक भी लिया जायेगा। इस बारे में जागरूकता बढ़ाई जावे कि ज्यादा से ज्यादा मतदाता वोट डालें। बैठक में अपर कलेक्टर जे समीर लकरा, सीईओ जिला पंचायत आरपी अहिरवार, एसडीएम, सेक्टर अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।