बैतूल :  जिले के ग्राम जीन निवासी जगन भागोले की छ: वर्षीय पुत्री मानवी जन्म से ही कर्णबाधित थी। मानवी के माता-पिता ने काफी प्रयास कि मानवी को सुनाई देने लगे, लेकिन वे असफल रहे। पेशे से मजदूर मानवी के पिता इलाज का बड़ा खर्च उठाने में सक्षम नहीं थे। इसी दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के दल ने सितम्बर 2017 में ग्राम स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में मानवी को श्रवण बाधित के रूप में चिन्हित किया।

          मूक एवं श्रवण बाधित मानवी के परिजनों को तत्काल जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय बैतूल ले जाने का परामर्श दिया गया एवं नि:शुल्क उपचार की मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना की जानकारी दी गई। परिजनों द्वारा ले जाने पर जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में जांच में हियरिंग इम्पेयरमेंट पाया गया।

         मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मोजेस द्वारा मानवी का कर्ण प्रत्यारोपण (कॉकलेयर इम्प्लांट) का प्रकरण बनाकर 6.50 लाख रूपये की राशि शासन द्वारा स्वीकृत की गई। छह वर्ष की आयु में 05 जुलाई 2018 को मानवी को हजेला अस्पताल भोपाल में भर्ती कराया गया तथा 07 जुलाई 2018 को मानवी का कर्ण प्रत्यारोपण का सफलतापूर्वक आपरेशन हुआ।

        अब मानवी का चार बार हजेला अस्पताल में फॉलोअप किया जायेगा एवं तत्पश्चात् जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र बैतूल में स्पीच थेरेपी के द्वारा मानवी को बोलना भी सिखाया जायेगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना ने मानवी को एक खुशहाल जीवन दिया है, परिजन शासन का आभार व्यक्त करते हैं और मानवी को पढ़ा-लिखाकर शिक्षित बनाना चाहते हैं।