होशंगाबाद : कलेक्ट्रेट के रेवा सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय सीमा बैठक में कलेक्टर प्रियंका दास ने जिला पंचायत सीईओ एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देशित किया कि वे जिले के सभी छात्रावासों का औचक निरीक्षण विभाग प्रमुखों के माध्यम से करायें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण करने वाले अधिकारी छात्रावास में छात्र-छात्राओं से अवश्य मिलें तथा छात्रावास में दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी लें। छात्र-छात्राओं से यह पूछें कि छात्रावास में उन्हें कोई समस्या तो नहीं हो रही है।
उन्होंने उपसंचालक सामाजिक न्याय को निर्देशित किया कि मान्यता प्राप्त सामाजिक संस्थाओं के अलावा अन्य सामाजिक संस्थाओं का भी नियमित रूप से निरीक्षण करें। कलेक्टर ने समाधान ऑनलाईन में चयनित विषयों से संबंधित शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश सभी संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने शिकायतों का निराकरण प्रभावी रूप से ना करने के लिए बाबई एवं पिपरिया जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाली शिकायतों में यदि हितग्राही का नाम एसईसीसी सूची में नहीं है तो पात्रता की जाँच कर प्रतीक्षा सूची में नाम जोडने की कार्यवाही करें। समाधान ऑनलाईन में प्राकृतिक प्रकोप से संबंधित शिकायतों के निराकरण में विलंब के लिए डोलरिया तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए। कलेक्टर ने 300 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों की समीक्षा में पाया कि सबसे अधिक शिकायतें वित्त एवं कृषि विभाग से संबंधित है। उन्होंने उपसंचालक कृषि एवं अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया कि इन शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करायें।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देशित किया कि वे उनके विभागों द्वारा संचालित स्कूलों में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है उनका नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं। इसी प्रकार पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में निवासरत छात्र-छात्राओं के नाम भी मतदाता सूची में जुडवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सुपरवाईजर्स एवं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुडवाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं में स्वीकृत ऋण प्रकरणों का वितरण शीघ्र कराना सुनिश्चित करें। यदि किसी हितग्राही का ऋण प्रकरण किसी कारणवश बैंक द्वारा स्वीकृत नहीं किया जा रहा है तो इस संबंध में उसे कारण सहित लिखित सूचना दें। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग संबल योजना के अंतर्गत संचालित योजनाओं में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करें।
उन्होंने प्रसूति सहायता में अपेक्षा के अनुरूप लाभ वितरण ना होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शासकीय अस्पतालों में जिन महिलाओं का प्रसव हो रहा है उनके संबल पंजीयन के आधार पर उन्हें प्रसूति सहायता का लाभ प्रदान करें। बैठक में अपर कलेक्टर केडी त्रिपाठी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीसी शर्मा तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।